जानिए कौन हैं जदयू के राजीव लोचन जो अनंत को मोकामा में मात देने उतरे हैं

जानिए कौन हैं जदयू के राजीव लोचन जो अनंत को मोकामा में मात देने उतरे हैं

मोकामा। जदयू ने एक चौकाने वाला निर्णय लेते हुए मोकामा विधानसभा क्षेत्र से राजीव लोचन नारायण सिंह उर्फ अशोक नारायण को उम्मीदवार बनाया है। राजीव लोचन अब मोकामा में बाहुबली अनंत कुमार सिंह को टक्कर देंगे। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि कौन हैं राजीव लोचन जिन पर नीतीश कुमार ने इतना बड़ा दांव खेला है।

राजीव लोचन नारायण सिंह उर्फ अशोक नारायण मोकामा के सकरवार टोला निवासी हैं। इनके पिता वेंकटेश नारायण सिंह उर्फ बीनो बाबू मोकामा के एक लोकप्रिय व्यक्तित्व रहे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बीनो बाबू के निकटस्थ सम्बंध थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने मोकामा आने पर बीनो बाबू के यहां विश्राम भी किया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी दोनों के बीच मुलाकात होती रही थी।

यहां तक कि जब 1989 में नीतीश कुमार बाढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने उतरे तब भी वेंकटेश नारायण सिंह ने उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर बार चुनाव में साथ दिया। यही कारण रहा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनने के बाद मोकामा आने पर वेंकटेश बाबू से मुलाकात करते थे।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से नजदीकी सम्बंध रखने वाले पिता की छत्रछाया में पल बढ़ रहे राजीव लोचन यूँ तो सार्वजनिक जीवन में हमेशा पर्दे के पीछे ही रहे लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता हमेशा बनी रही। राजीव लोचन पिछले चार दशक से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भाजपा के किसान मोर्चा में राज्य स्तर पर कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।

हालांकि वे अब तक सक्रिय राजनीति में ज्यादा चर्चित नहीं रहे हैं। इसके बावजूद मोकामा विधानसभा और मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव के समय राजनीतिक दलों के उम्मीदवार उनसे निरन्तर सम्पर्क बनाते रहे हैं। यहां तक कि चुनाव के दौरान वे कई उम्मीदवारों के लिए प्रचार प्रसार कर चुके हैं लेकिन उनकी छवि न तो बाहुबली की भांति है और ना ही ज्यादा वाचाल रहे हैं। पेशे से किसान राजीव लोचन मृदु भाषी और मिलनसार जरूर हैं।

आम लोगों और मीडिया के लिए भले राजीव लोचन एक नया नाम लग रहा है लेकिन भाजपा और राजग कार्यकर्ताओं के लिए वे चिरपरिचित चेहरा हैं। अब देखना होगा कि राजीव लोचन आम मतदाताओं और राजग के कार्यकर्ताओं पर अपनी कितनी प्रभावशाली छवि बना पाते हैं।

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