दरोगा को प्रशिक्षु SI ने जड़ दिया डंडा,आखिर क्यों

पूरा देश कोरोना के महामारी से बचने के लिए लॉक डाउन जारी है.राशन और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए लोगों को राहत दी गई है.जायदातर देश वासी इस मुहीम में सरकार के साथ खड़े हैं जबकि कुछ मनचले टाइप लोग बिना वजह बाहर घुमने निकल रहे हैं .पुलिस येसे लोगों पर सख्ती से पेश आ रही है .बिना वजह पकड़े जाने पर पुलिस लोगों की पिटाई भी कर रही है.

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MBTC,मोकामा

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एसा ही एक वाक्या आज बिहार में सिखाई दिया है जब एक पुलिस वाले ने एक पब्लिक को डंडा जड़ दिया . नालंदा अस्थावां बाज़ार में लोग उस वक्त हक्के-बक्के रह गए, जब सिविल ड्रेस में सब्जी खरीद रहे एक दारोगा को दूसरे प्रशिक्षु दारोगा ने डंडा जड़ दिया.हालांकि, पहचान देने के बाद दारोगा ने माफी मांग ली. स्थावां थाने में पदस्थापित जमादार अखिलेश सिंह सिविल ड्रेस में सब्जी खरीद रहे थे. एहतियातन उन्होंने मुंह पर मास्क लगा रखा था, जिसके कारण दूसरे प्रशिक्षु दारोगा जी उन्हें पहचान नहीं पाए और उन्हें एक डंडा रसीद कर दिया. डंडा पड़ते ही जमादार साहब कुछ देर तो समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या। कुछ ही देर में उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने गश्त में शामिल पुलिस वालों पर आरोप लगाया कि वे लोग बिना मास्क के ही ड्यूटी कर रहे हैं.

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