तपस्वी स्थान में अखंड रामचरितमानस पाठ की हुई पूर्णाहुति

तपस्वी स्थान में अखंड रामचरितमानस पाठ की हुई पूर्णाहुति

मोकामा। कार्तिक महीने में तपस्वी स्थान ठाकुरबाड़ी मोलदियार टोला में एक मास तक चलने वाले अखंड रामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति सोमवार को हुई। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पूर्णाहुति हवन किया गया जिसके उपरांत कलश को गंगा में विसर्जित करने का विधान सम्पन्न हुआ।

तपस्वी स्थान में वर्ष 1980 से अखंड रामचरितमानस पाठ हो रहा है। कार्तिक महीने में हर दिन 24 घँटे अखंड पाठ होता है। इस दौरान दिन के समय महिलाएं और लड़कियों द्वारा पाठ किया जाता है जबकि संध्या उपरांत पुरूष श्रद्धालुओं द्वारा पूरी रात रामचरितमानस पाठ होता है।

40 साल से अनवरत हो रहे रामचरितमानस पाठ से पूरा मोकामा भक्तिमय बना रहता है। साथ ही कार्तिक महीने में कई अन्य जगहों से गंगा स्नान करने आने वालों को भी भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल मिलता है।

शरद ऋतु देवताओं का प्रिय मास है। और, कार्तिक का महीना हिन्दू मान्यताओं में सर्वोत्तम, पवित्र एवं ईश्वरीय विधानों का पावन महीना माना जाता है। बिहार का मोकामा कार्तिक महीने अपने विशेष धार्मिक और आद्यात्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध है। मोकामा के श्री तपस्वी स्थान ठाकुरबाड़ी में पवित्र कार्तिक माह में एक महीने का अखंड रामचरितमानस पाठ होता है।

पिछले 4 दशक से ज्यादा समय से हर साल तपस्वी स्थान ठाकुरबाड़ी में रामचरितमानस पाठ का पाठ हो रहा है। हर साल शरद पूर्णिमा के दिन मंदिर प्रांगण में रामचरितमानस पाठ का संकल्प लिया जाता है और विधि विधान से पूजन उपरांत पूरे एक महीने तक प्रतिदिन 24 घटे आदिकवि तुलसीदास जी रचित रामचरित मानस के दोहे, छंद, चौपाइयों का मधुरिम पाठ गतिमान रहता है। सबसे बड़ी खासियत है कि यहां रामचरितमानस पाठ करने के लिए दिन के समय महिलाएं और बच्चियां नियमित रूप से आती है जबकि रात्रि में पुरूष वर्ग अखंड पाठ करते हैं। पूरे एक महीने तक रामचरित मानस के इस अनवरत पाठ से मोकामा का वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक हो जाता है।

साथ ही पीढ़ीगत रूप से युवा वर्ग भी इसी बहाने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं। युवा वर्ग पूरे उत्साह से न सिर्फ इसमें सम्मिलित रहता है बल्कि रामचरित मानस का सस्वर पाठ करता है।

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।

error: Content is protected !!