मछली की मौत पर छात्रों ने निकाला मार्च

जाम्बिया के कोपरबेल्ट यूनिवर्सिटी के कैंपस के तालाब में 20 साल से रह रही माफिशी नाम की मछली की मौत के बाद वँहा के छात्र दुःख व्यक्त कर रहे हैं।माफिशी को गुडलक फिश मानते थे यंहा के छात्र।परीक्षा और अन्य कार्यों से पहले लोग माफिशी के सामने प्रार्थना करते थे।कुछ तनाव दूर करने के लिए भी माफिशी के पास जाते थे।7 मार्च को माफिशी की मौत हो गई जिसके बाद कैम्पस परिसर में मार्च निकाला ।जाम्बिया के राष्ट्रपति एडगर लुंगू ने भी शोक व्यक्त किया। एडगर ने एक शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि ‘महात्मा गाँधी कहा करते थे कि किसी देश की महानता का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि वँहा के लोग जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।

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वँहा पढ़ने वाले छात्र बताते हैं कि माफिशी को तैरता देख तनाव दूर हो जाता था।लोग अक्सर उसे दाना डालते नज़र आते थे।यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों को माफिशी से दोस्ती हो गई थी।माफिशी कि मौत की जाँच हो रही है, उसे दफनाया नहीं जाएगा बल्कि वैज्ञानिक तरीके से सहेज कर रखा जाएगा ।माफिशी की मौत पर लोग सोशल मीडिया पर भी शोक व्यक्त कर रहे हैं।#Mafishi हैशटैग के साथ लोग अपनी पोस्ट शेअर कर रहे हैं।

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