पितृ पक्ष में गया जी में नहीं होंगे श्राद्ध कर्म

आने वाले 2 सितंबर से पितृ पक्ष प्रारम्भ हो रहा है। 2 सितंबर से लेकर 17 सितंबर तक पितृ पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे।पितृ पक्ष में पितरों को पिंड दान देने की परंपरा रही है।हर वर्ष पितृ पक्ष में गया जी, नासिक,उज्जैन और ब्रह्मकपाल जैसे जगहों पर लाखों लोग पिंडदान करने दूर दूर से आते हैं।कोरोना महामारी के कारण इस बार पिंडदान करवाने वालों के सामने कई समस्या आ खड़ी हुई है। पंडित गोकुल दुबे जी कहते हैं कि इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से गया जी में लगने वाला मेला पूर्णतः स्थगित कर दिया गया है। गया जी कर्मकांड करवाने वाले 100 से ज्यादा परिवार हैं जिनसे करीब 10 हजार पंडित जुड़े हुए हैं।हर साल यंहा लगभग 10 लाख लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करवाने यंहा पहुँचते हैं।

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गया जी है बिहार का सबसे बड़ा श्राद्ध तीर्थ।मान्यता है कि गयासुर नामक राक्षस को देखने भर से लोगों के पाप दूर हो जाते थे।गया जी इसी गयासुर दैत्य के नाम से प्रसिद्ध हो गया।यंहा फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर,अक्षयवट के पास पिंडदान करने की परंपरा है।

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