आजादी के 75 साल बाद भी भारत की माँ बीच सड़क पर बच्चे को जन्म देने को मजबूर

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश। सतना। देश जब आज अपना 75 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी देश के नाम संदेश दे रहे थे तो हम उनकी उपलब्धियों पर गौरवान्वित हो रहा थे।
देश में आज भी कुछ ऐसे जगह हैं जिनकी बेबसी पर सिर्फ आंसू और सिर्फ आंसू ही हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन मध्यप्रदेश के सतना में एक गर्भवती स्त्री को भारत की इस बदहाली की सजा भुगतनी पड़ी। गर्भवती स्त्री टूटी सड़क के वजह से एंबुलेंस तक भी नहीं पहुंच सकी और टूटी फूटी, कीचड़ वाली सड़क पर ही अपने बच्चे को जन्म दिया।
मामला सतना के बिहरा डोगरी गांव का है जहां 25 वर्षीय नीलम को सुबह लेबर पेन होना शुरू हो गया। पति पंकज कुमार ने एंबुलेंस के लिए फोन किया तो खराब सड़क के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।परिजनों दर्द से तड़पती नीलम को कीचर भरे रास्ते से पैदल ही एंबुलेंस तक ले जाने का प्रयास किया मगर जब तक नीलम एंबुलेंस पर पहुंचती उससे पहले ही सड़क पर बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में एंबुलेंस जच्चा-बच्चा को लेकर अस्पताल रवाना हुआ फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।

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