राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग की मरम्मत के लिए 80 करोड़ मंजूर

उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली लाइफ-लाइन राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग की मरम्मत को लेकर केंद्र सरकार के द्वारा 80 करोड़ रुपए स्वीकृति देने से जिले वासियो में खुशी का माहौल है। एनएचएआई ने बेगूसराय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के अनुरोध पर बेगूसराय-मोकामा के बीच राजेंद्र पुल की मरम्मत के लिए 80 करोड़ 87 हजार 640 रुपया की स्वीकृति दी है। एनएचएआई ने छह मई की कार्यकारणी की बैठक में राशि की मंजूरी कर इसे रेलवे के द्वारा तकनीकी विशेषज्ञ व निविदा के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा है। राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग की मरम्मत कार्य इसलिए अटक गया था कि इसके समानांतर सिमरिया गंगा नदी पर सिक्स लेन सड़क पुल का निर्माण तेज गति से चल रहा है।

केंद्रीय मंत्री व सांसद गिरिराज सिंह ने इस सेतु के महत्त्व को केन्द्रीय मंत्री नीतीन गडकरी के समक्ष रख सिक्सलेन पुल निर्माण होने में अभी समय लगने की बातें कह तब तक लोगों के आवागमन में परेशानी होने की बातें रखी थीं। उन्होंने केन्द्रीय राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए इसे बेगूसराय व उत्तर बिहार के लोगों की सुविधा के लिए बड़ा कदम बताया।

सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि दिसंबर माह में ही रेलवे द्वारा अनुमानित 80 करोड़ की राशि स्वीकृत करने का प्रस्ताव लिया था, लेकिन सांसद के हस्तक्षेप से राशि आवंटित हो जाने के बाद अब राजेंद्र पुल आमजन के लिए पूर्ण उपयोगी होगा तथा सभी वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो सकेगा। वही आने वाले समय में सिमरिया गंगानदी पर सिक्सलेन पुल बनकर तैयार हो जाने व राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग का भी मरम्मत कार्य पूरा हो जाने से जिलेवासियों को आवागमन के लिए दो-दो सेतु मिल जाएगा।

राजेन्द्र सेतु पर अगस्त 2019 से बंद है भारी वाहनों का आवागमन

राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग को हाथीदह साइड में पाया संख्या एक के समीप वर्ष 2019 में सेतु की सतह पर दो-दो जगह धस जाने के बाद रेलवे व एनएचएआई के द्वारा सेतु के दोनों ओर पटना जिले के हाथीदह व बेगूसराय जिले के सिमरिया में हाइट गेज लगाकर सेतु से गुजरने वाले बड़े व भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। उस समय राजेन्द्र सेतु की निरीक्षण के लिए पहुंचे हाजीपुर ब्रिज के मुख्य अभियंता ने सेतु के सड़क मार्ग के पूरे सतह को तोड़ कर हटा नयी ढलाई कर फिर से निर्माण करने के बाद ही बड़े वाहनों का आवागमन होने की बातें कहीं थी। इसके बाद सेतु की मरम्मत के लिए रेलवे के द्वारा 80 करोड़ रुपए का प्रपोजल बना इसका वहन करने के लिए पिछले वर्ष एनएचएआई को पत्र सौंपा था, लेकिन रेलवे व एनएचएआई के बीच चल रहे तकरार को लेकर उक्त कार्य आगे नहीं बढ़ सका था। बाद में अधिकारियों ने सेतु की मरम्मत को लेकर यह भी कहने लगे कि अब अगर सेतु का मरम्मत कार्य शुरू कर भी दिया जाएगा, तो इसे पूरा होने में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा, तब तक राजेन्द्र सेतु के समानांतर तेज गति में बन रहे सिक्सलेन सड़क पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा, तो इसमें 80 करोड़ लगाने से क्या फायदा।

क्या कहते हैं केंद्रीय मंत्री सह सांसद

बेगूसराय को राजधानी पटना से जोड़ने वाले लाइफ-लाइन राजेन्द्र सेतु के सड़क मार्ग पर पिछले कई वर्ष से भारी वाहनों का आवागमन बंद पड़े सेतु की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार द्वारा 80 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इस कार्य को रेलवे के द्वारा किया जाएगा।

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