प्रशासन सख्त तो सरस्वती विसर्जन में नहीं हुआ डीजे का शोर

मोकामा। बसंत पंचमी पर मोकामा और घोसवरी प्रखंडों के विभिन्न पूजा पंडालो में विराजित विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन पिछले दो दिनों से पूरे भक्ति भाव से हो रहा है।

इस बार राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रतिमाओं का विसर्जन 17 फरवरी को होना था, उसी अनुरूप बड़ी संख्या में प्रतिमाएं बसन्त पंचमी के अगले दिन ही गंगा नदी और विभिन्न जलाशयों में विसर्जित की गई। वहीं गुरुवार को भी सैंकड़ों प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

सरस्वती पूजा पर पुलिस प्रशासन की सख्त चेतावनी का असर साफ दिखा और इस बार लोगों को डीजे के कानफोड़ू शोर से राहत मिली। डीजे के शोर की जगह श्रद्धालु ढोल नगाड़ों और गाजों बाजों के साथ संगीत की मुधरीम धुनों पर विसर्जन को पहुंचे। मोकामा थाना में बाढ़ एएसपी अम्बरीश राहुल और मोकामा थाना इंस्पेक्टर राजनंदन ने पूजा के पूर्व ही शांति समिति की बैठक में डीजे नहीं बजाने की चेतावनी दी थी। इसी तरह घोसवरी थानाध्यक्ष संजीव मौआर ने डीजे प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराया।

मोकामा में गंगा नदी के तपस्वी स्थान, महादेव स्थान, सूर्य नारायण घाट आदि, माढो पोखर सहित घोसवरी प्रखंड के विभिन्न जलाशयों में प्रतिमाएं विसर्जित की गई। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से देवी को बिदाई दी और सभी के जीवन में विद्याधन आने की मंगल कामना की।

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