नहीं रहे हेमंत दा

नहीं रहे हेमंत दा। औंटा निवासी जनप्रिय हेमंत दा का निधन हो गया।जीवन के हर क्षेत्र में अपने प्रयोग से लोहा मनवाने वाले हेमंत दा वेहद शांतप्रिय और खुशमिजाज थे।
उनके द्वारा मोकामा टाल में कई प्रयोग किये गए। अभी भी वो खेती के नए नए तरीके अपनाया करते थे।नई नई फसलों को लगाते थे और दूसरे को भी परम्परागत खेती से व्यवसायिक खेती के लिए प्रेरित करते रहते थे।
हाथीदह में अवस्तिथ उनका रामा पेट्रोलियम पंप उच्च गुणवत्ता और सही माप के लिये जाना जाता था।उन्होंने उस समय वँहा पेट्रोलपंप खोला जब मोकामा वायपास अपराधी से थर थर कांपता था, धीरे धीरे वँहा का एरिया गुलजार होता गया।
उन्होंने राजनीति में भी अपना योगदान दिया। लोकसभा सभा का चुनाव भी लड़े मगर जनमत उनके साथ नही रहा इस वजह से वह दूसरी बार कभी चुनाव में नहीं उतरे।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री सहित संविधान के श्रेेेष्ठ पद पर बैठे लोगों से आग्रह किया कि हमारे राष्ट्रगान में सिंध का नाम है इसलिए भारत में ही किसी जगह पर सिंध नाम से जगह का नाम रखा जाय और उसकी मर्यादा के अनुसार वँहा विकास कार्य किये जायें इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन भी देने की पेशकश की थी।
साहित्यिक रूप से भी काफी सम्प्पन्न थे हेमंत दा, उन्होंने कई पुस्तकें लिखी और कई दैनिक, साप्ताहिक और मासिक पत्र पत्रिकाओं में अपना योगदान किया।
मोकामा ऑनलाइन मोकामा के बहुमुखी प्रतिभा के धनी हेमंत दा के निधन पर अपनी संवेदना प्रकट करता है। ईश्वर इनकी आत्मा को शांति दें।

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