किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोकामा में मशरूम प्रशिक्षण शिविर शुरू

मोकामा। किसानों को परंपरागत खेती से इतर बाजार की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप और युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से सोमवार को मोकामा में मशरूम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। बाढ़ के एस डी एम सुमित कुमार ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को कृषि नवाचार एवं प्रौद्योगिकी अपनाने सहित परंपरागत खेती के साथ ही मशरूम उत्पादन जैसे विकल्पों को अपनाने का सुझाव दिया।

किसानों को देश का रीढ़ बताते हुए कहा कि किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि आज हमारे देश में कोई आदमी खाद्यान्न संकट के कारण भूखा रहने को मजबूर नहीं है। देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना हुआ है। ऐसे में मशरूम जैसे उत्पादों को अपनाकर किसान और युवा महिला वर्ग खुद को आर्थिक रूप से समृद्ध बना सकते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र बाढ़ की प्रमुख डॉ कुमारी शारदा ने मशरूम के वृहद बाजार में अपनी सशक्त भागीदारी बनाकर मोकामा के किसानों को समृद्ध होने का मार्गदर्शन किया।

बाढ़ के डीएसएलआर कलामुद्दीन अहमद, मोकामा सीओ रामप्रवेश राम और बीडीओ मनोज कुमार ने मशरूम प्रशिक्षण को किसानों के हित में सराहनीय प्रयास बताया। शिविर संयोजक चंदन कुमार ने प्रशिक्षण के लाभ और समस्या गिनाने से बढ़कर समाधान की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरणात्मक वक्तव्य दिया। आनंद मुरारी ने उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन में किसानों को आगे बढ़ने की बात कही। डॉ सुधांशु शेखर ने संचालन किया।

दूसरे सत्र में वरीय वैज्ञानिक डॉ ब्रजेश पटेल और राजीव कुमार ने शिविर में करीब 50 प्रिशिक्षार्थियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण उपरांत सभी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

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