हत्या की नहीं सुलझी गुत्थी

घोसवरी के बाबा चौहरमल के मुख्य द्वार से सौ मीटर दूर फेंका हुआ था शव संवाद सूत्र, मोकामा : बाढ़ थाना क्षेत्र के कलाली मोहल्ला निवासी मनीष चौहान (35 वर्ष) की हत्या की गुत्थी दो दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी। बदमाशों ने गला रेतकर युवक की हत्या कर दी थी। शव घोसवरी थाना क्षेत्र के बाबा चौहरमल के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट बाईपास से करीब 100 गज की दूरी पर खेत से मिला था।

टाल क्षेत्र जाने वाले राहगीरों की मानें तो युवक का शव शुक्रवार से ही देखा जा रहा था। शनिवार को किसी ने शव दिखाई पड़ने की सूचना पुलिस को दी। तब घोसवरी थाने की पुलिस ने घटनास्थल पहुंची। शव को कब्जे में लिया। पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही युवक के स्वजन घटनास्थल पर पहुंचकर शव की पहचान कर चुके थे। जानकारी के अनुसार मनीष पिछले पांच दिनों से लखीसराय जिले के मखरा गाव में अपने ससुराल में था। शुक्रवार की दोपहर वह वहां से घर के लिए चला था। इसकी सूचना ससुराल वाले ने मनीष के घर में दे दी थी। शाम तक घर वापस नहीं पहुंचने पर घर वालों ने लखीसराय थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। 

शनिवार की सुबह बाढ़ थाने को भी गायब होने की सूचना दी गई। थाने में ही मोकामा बाईपास के निकट शव मिलने की सूचना पर स्वजन घटनास्थल पहुंचे गए। घोसवरी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया था। अज्ञात पर दर्ज की गई है हत्या की प्राथमिकी।

रविवार को मनीष के भाई अनुप कुमार ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी घोसवरी थाने में दर्ज कराई। आवेदन में हत्या से जुड़ी किसी मामले का पर्दाफाश नहीं किया गया है। यही वजह है कि आज भी हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ पायी। मृतक के स्वजनों व रिश्तेदारों की आपस के बातचीत को आधार बनाया जाए तो हत्या के पीछे कई पेचीदे गुत्थी सामने आने लगे हैं। मृतक ताड़ी पीने का आदी था। आदत को ससुराल में भी नहीं रोक पाता था। वहां रहने के दौरान ससुराल के कई विवादास्पद, असामाजिक तत्वों व बदमाशों के साथ भी ताड़ी पीता था। इस दौरान कइयों के साथ इसकी नोकझोंक व मारपीट भी हुई थी। 

इस दौरान कइयों के साथ इसकी नोकझोंक व मारपीट भी हुई थी। इसका प्रतिशोध भी हत्या का कारण हो सकता है। ससुराल से 50 हजार रुपये के लेनदेन का भी विवाद

ससुराल के ही किसी से 50 हजार रुपये लेन देन का विवाद भी सामने आ रहा है। इतना ही नहीं इसकी हत्या में ससुराल पक्ष की संलिप्तता के संकेत को भी ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने अपने अनुसंधान में जोड़ा है। घोसवरी थानाध्यक्ष संजीव कुमार मौआर का कहना है कि हत्या कहीं अन्यत्र की गयी है। पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए शव को यहा लाकर फेंक दिया गया। मृतक के गले के पीछे किसी तेज हथियार से रेतकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। वारदात स्थल पर खून का एक बूंद भी नहीं मिला है। गले के जख्म के खून को काला पड़ जाना भी इस ओर इंगित करता है कि हत्या कहीं अन्यत्र की गयी है। मनीष के पास स्मार्टफोन भी मिला है। यह हत्या की गुत्थी सुलझाने में मददगार हो सकता है। पुलिस घर से लेकर ससुराल तक इस हत्या के जुड़े तार को खंगालने में जुटी हुई है ।

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