बड़हिया-मोकामा टाल के विकास पर खर्च होंगे 1,778.50 करोड़

एक लाख हेक्टेयर में फैले बड़हिया-मोकामा-फतुहा टाल क्षेत्र का इलाका दाल का कटोरा कहा जाता है लेकिन किसानों के समक्ष जल जमाव की गंभीर समस्या के कारण दलहन फसल दो फसला नहीं हो पाती है। किऊल, हरुहर और गंगा नदी से जुड़ा टाल का इलाका खेती किसानी के लिए काफी समृद्ध माना जाता है। टाल क्षेत्र में जल जमाव से निजात दिलाने और सिचाई की समुचित व्यवस्था करने की लड़ाई टाल क्षेत्र के किसानों द्वारा वर्षों से लड़ी जा रही है।

इस दिशा राज्य जल संसाधन मंत्री के रूप में मुंगेर के सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन ने अपने कार्यकाल में टाल के विकास के लिए विशेष पहल की थी। इसके बाद सरकार ने टाल विकास योजना तैयार की। इसके तहत टाल इलाके में हरूहर नदी में कई जगहों पर स्लूइस गेट निर्माण के साथ ही पइन की उड़ाही कार्य शुरू भी किया गया। लखीसराय प्रखंड अंतर्गत बालगुदर के पास हरुहर नदी में 124 करोड़ की लागत से बराज का निर्माण कराया जा रहा है।

जलसंसाधन मंत्री ने दी टाल विकास की जानकारी

मंगलवार को राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने विधानसभा में टाल विकास योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस योजना पर के तहत राज्य सरकार बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 1,778.50 करोड़ की राशि खर्च करेगी। टाल विकास योजना के अंतर्गत 74 किमी. की लंबाई में तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावे 53 किमी. की लंबाई में तटबंध निर्माण के साथ पक्कीकरण कार्य भी कराया जाएगा। बड़हिया- मोकामा-फतुहा तक टाल इलाके में पइन की उड़ाही और जीर्णोद्धार के साथ पुलिया का निर्माण कराने के साथ-साथ नदियों में 

बराज, वीयर एवं चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा। सरकार ने पूरी परियोजना को मई 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। —

विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य सरकार को दिया धन्यवाद

लखीसराय के विधायक सह बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत टाल के विकास के लिए समेकित योजना का निर्माण और इनके क्रियान्वयन की सकारात्मक पहल के लिए बिहार सरकार को धन्यवाद दिया है। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस योजना के धरातल पर उतरते ही टाल के लोगों के जीवन में जबरदस्त बदलाव आएगा। आवागमन का साधन के साथ-साथ सिचाई की भी समुचित सुविधा मिलेगी जिससे किसानों की आर्थिक और सामाजिक दशा भी बदलेगी।

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