पानी में डूबे मोकामा टाल से बेपरवाह सरकार ने मोकामा- घोसवरी में मनाया रबी महोत्सव,

डूबे मोकामा टाल से बेपरवाह सरकार ने मोकामा- घोसवरी में मनाया रबी महोत्सव।

बिहार ।पटना ।मोकामा।(Mokama Online News 84) पानी में डूबे मोकामा टाल से बेपरवाह सरकार ने मोकामा- घोसवरी में मनाया रबी महोत्सव, बुआई कब होगी इसकी कोई चिंता नहीं ।दाल का कटोरा मोकामा बड़हिया टाल नवम्बर आने को है लेकिन अब तक पानी में डूबा है। ऐसे में टाल के किसान अपने भविष्य को लेकर हलकान है। उनके पास पिंछात बुआई का विकल्प माना जाने वाला चना, खेन्सारी और गेहूं का उन्नत किस्म का बीज भी नहीं है। वहीं मसूर, मटर और सरसों बुआई का आदर्श समय बीतता जा रहा है। ऐसे में किसान की एक ही चिंता है कि उनके खेत से पानी कब तक निकलेगा और वे कबसे बुआई करेंगे।

मोकामा ऑनलाइन की वाटस ऐप ग्रुप से जुड़िये और खबरें सीधे अपने मोबाइल फ़ोन में पढ़िए ।

किसानों की चिंता से मानो सरकार बेफिक्र हो गई है।

दूसरी ओर किसानों की चिंता से मानो सरकार बेफिक्र हो गई है। पानी में डूबे मोकामा बड़हिया टाल से कैसे जल्द से जल्द पानी निकले इसकी चिंता नहीं है। हां किसानों को रबी फसलों की बेहतर खेतीबाड़ी के लिए जागरूक करने के पानी मे डूबे टाल के किसानों के बीच रबी महोत्सव जरूर मनाया जा रहा है।(Mokama Online News 84

28 अक्टूबर को मोकामा में और 29 अक्टूबर को घोसवरी प्रखंड में रबी महा अभियान का आयोजन किया गया।

28 अक्टूबर को मोकामा में और 29 अक्टूबर को घोसवरी प्रखंड में रबी महा अभियान का आयोजन किया गया। गिनती के किसानों के बीच आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक तो पूरी हो गई लेकिन रबी फसलों की बुआई इस साल पानी में डूबे मोकामा टाल में कब से शुरू होगी इसका कोई जिक्र नहीं है।

-विज्ञापन-

Mokama Online News 84

विज्ञापन के लिए संपर्क करें : 79821 24182

मोकामा ऑनलाइन के इन्स्टाग्राम पर हमसे जुड़िये ।

अधिकांश प्रतिनिधियों को टाल में गेहूं बुआई के अलावा मूंग, मक्का आदि उपजाने का सुझाव दिया।

इतना जरूर हुआ कि आयोजकों ने किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे पैक्स और आत्मा आदि से आये अधिकांश प्रतिनिधियों को टाल में गेहूं बुआई के अलावा मूंग, मक्का आदि उपजाने का सुझाव दिया। सवाल है जब टाल में न तो पटवन यानी सिंचाई की उचित सुविधा उपलब्ध है और ना ही नीलगाय आदि से फसल बचाने की कोई गारंटी है तब टाल में मक्का कैसे उपजेगा।

जल मुक्ति से निजात दिलाने के बदले ऐसे रबी महोत्सव मानो चिढ़ाने का काम करते हों।

ऐसे समय में जब खेतों में जमा पानी देखकर टाल के किसानों का आंख पानी पानी हुआ जा रहा है तब उन्हें जल मुक्ति से निजात दिलाने के बदले ऐसे रबी महोत्सव मानो चिढ़ाने का काम करते हों।

ये भी पढ़ें:-स्व.पं. साधू शरण शर्मा ,खूब लड़े अंग्रेजो से।

ये भी पढ़ें:-याद किये गये चाकी।

-विज्ञापन-

Mokama Online News 84

विज्ञापन के लिए संपर्क करें : 79821 24182

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।

error: Content is protected !!