नम आंखों और गमगीन मौहाल में सीआरपीएफ के जांबाज मनीष को मोकामा में दी गई अंतिम विदाई

नम आंखों और गमगीन मौहाल में सीआरपीएफ के जांबाज मनीष को मोकामा में दी गई अंतिम विदाई।

मोकामा।(Mokama Online News 60) राष्ट्रप्रेम, अद्यमय साहस और वीरता की कई अमिट यादों को संजोए सीआरपीएफ के जांबाज जवान मनीष की अंतिम विदाई में पूरा मोकामा गमगीन हो उठा। तिरंगा में लिपटे बेटे को देख हर आंख नम थी, सब चेहरे गमजदा, हर जुबां पर इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के जयकारों में अश्रुपूरित श्रद्धांजलि से पूरा मोकामा गमगीन हो गया।

मोकामा ऑनलाइन की वाटस ऐप ग्रुप से जुड़िये और खबरें सीधे अपने मोबाइल फ़ोन में पढ़िए ।

सीआरपीएफ के दिवंगत जवान मनीष का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

आज मोकामा में सीआरपीएफ के दिवंगत जवान मनीष का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर मोकामा घाट की ओर से विशेष तैयारी की गई थी। सीआरपीएफ जवानों ने शोक धुन बजाकर और परम्परागत अंतिम सलामी दी। वहीं मोकामा थाना प्रभारी राजनंदन भी वीर जवान मनीष के अंतिम दर्शन को पहुंचे और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।(Mokama Online News 60)

-विज्ञापन-

Mokama Online News 60

विज्ञापन के लिए संपर्क करें : 79821 24182

मोकामा ऑनलाइन के इन्स्टाग्राम पर हमसे जुड़िये ।

मोकामा में अब तक ऐसी कोई दुकान नहीं थी जिसमे सिर्फ पूजा पाठ की सामग्री मिले।

मनीष के पैतृक आवास पचमहला पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्हें नमन किया।

मनीष के पैतृक आवास पचमहला पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्हें नमन किया। उनकी वीरता, राष्ट्रभक्ति और सेवाओं का स्मरण किया। भारत माता की जय, जय जवान, मनीष अमर अमर रहें के नारों के बीच उनकी अंतिम यात्रा निकली। मोकामा चिन्तामनीचक स्थित पम्पू श्मशान घाट में गंगा किनारे मनीष का विधि विधान पूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस अवसर पर सीआरपीएफ जवानों का एक दल मौजूद रहा। उन्होंने शोक धुन बजाया और सलामी दी।(Mokama Online News 60)

अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

वर्ष 2001 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्रुप सेंटर मोकामा घाट में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने वाले सीआरपीएफ जवान मनीष का दिल्ली में निधन हुआ था। परिवार के अनुसार अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

मनीष के निधन की खबर जब उनके बिहार के मोकामा स्थित पचमहला में पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई।

मनीष के निधन की खबर जब उनके बिहार के मोकामा स्थित पचमहला में पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। मोकामा ने अपने एक जांबाज बेटे को खो दिया। मनीष के साथ ट्रेनिंग पूरी करने वाले राजेश कुमार ने बताया कि सीआरपीएफ में नौकरी करते हुए मनीष ने चंडीगढ़ में अपना मकान बना लिया था। वे पत्नी और दो बेटों तथा एक बेटी के साथ चंडीगढ़ में रहते थे। हालांकि बिहार और मोकामा से उनका जुड़ाव बरकरार था।

दुर्गा पूजा में परिवार के साथ छुट्टी बिताकर इसी सप्ताह फिर से दिल्ली में ड्यूटी जॉइन की थी।

मनीष की पोस्टिंग फिलहाल दिल्ली में थी। उन्होंने दुर्गा पूजा में परिवार के साथ छुट्टी बिताकर इसी सप्ताह फिर से दिल्ली में ड्यूटी जॉइन की थी। हालांकि अचानक मनीष की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें बुखार था और बाद में उल्टी दस्त की शिकायत हो गई।

दिल्ली में उपचार के दौरान ही उनका निधन हो गया।

दिल्ली में उपचार के दौरान ही उनका निधन हो गया। उनके निधन पर निकटस्थ लोगों ने शोक जताया। 43 वर्षीय मनीष के पिता किशोरी प्रसाद सिंह पेशे से शिक्षक थे।
मोकामा ऑनलाइन पर हमसे जुड़े रहें, हमारी वेबसाइट के अलावा आप हमसे फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर जुड़ें।

ये भी पढ़ें:-स्व.पं. साधू शरण शर्मा ,खूब लड़े अंग्रेजो से।

ये भी पढ़ें:-याद किये गये चाकी।

-विज्ञापन-

Mokama Online News 60

विज्ञापन के लिए संपर्क करें : 79821 24182

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।

error: Content is protected !!