टाल में अकाल, सोई सरकार।

टाल में अकाल, सोई सरकार।

बिहार।पटना।मोकामा।(Mokama Online News 35)भारत का दाल का कटोरा कहा जाने वाला मोकामा बड़हिया टाल के किसानों के सामने मौत खड़ी है।अबतक दलहनी और तेलहन फसलों की बुआई शुरू हो जानी चाहिए थी। मगर मोकामा बड़हिया टाल में अभी तक कई फिट पानी भरा है।किसान भुखमरी के कगार पर है, मरांची, औटा टाल में पिछले कई सालों से खेती नहीं हुई है।

मोकामा ऑनलाइन की वाटस ऐप ग्रुप से जुड़िये और खबरें सीधे अपने मोबाइल फ़ोन में पढ़िए ।

मोकामा टाल इस बार भी प्रकृति की मार के सामने बेबस है।

मोकामा टाल इस बार भी प्रकृति की मार के सामने बेबस है।टाल में अभी तक पानी भरा हुआ है इसका असर दलहनी और तेलहन की फसलों पर पड़ना तय है।पिछले कुछ सालों से पानी निकलने में देरी होने लगी है जिस वजह से मोकामा बड़हिया टाल के किसानों की जिंदगी बर्बाद हो रही है।(Mokama Online News 35)

कुछ साल पहले तक सितंबर महीने के अंत तक टाल का पानी निकल जाता था।

कुछ साल पहले तक सितंबर महीने के अंत तक टाल का पानी निकल जाता था। 15अक्टूबर तक पूरे टाल में दलहनी और तिलहनी फसलों की बुआई हो जाती थी।समय पर बुआई होने से अच्छी फसल मिलती थी।

पिछले कई सालों से टाल से पानी के निकलने में देरी हो रही है।

पिछले कई सालों से टाल से पानी के निकलने में देरी हो रही है।इस बार हरुहर नदी का जल स्तर कम नहीं हो पा रहा है। टाल में वर्षा और बाढ़ का पानी जमा होने से फसलों की बुआई में देरी होनी तय है।

मोकामा ऑनलाइन के इन्स्टाग्राम पर हमसे जुड़िये ।

मोकामा बड़हिया टाल में दलहनी फसलों की बुआई का समय 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक का है।

मोकामा बड़हिया टाल में दलहनी फसलों की बुआई का समय 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक का है।अभी टाल में कई फिट तक पानी जमा है किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।कोई उपाय नजर नहीं आ रहा है। सरकार सोई हुई है उन्हे किसानों का यह दर्द दिखाई नहीं देता।(Mokama Online News 35)

ये भी पढ़ें:-स्व.पं. साधू शरण शर्मा ,खूब लड़े अंग्रेजो से।

ये भी पढ़ें:-याद किये गये चाकी।

-विज्ञापन-

Mokama Online News 35

विज्ञापन के लिए संपर्क करें : 79821 24182

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।

error: Content is protected !!