गौरव राय और मुकेश हिसारिया को डिटोल इंडिया का सम्मान

इस भायवह माहामारी में अपनी चिंता छोड़ कर दूसरों की सेवा करने का जो जूनून गौरव राय और मुकेश हिसारिया ने दिखाया वह सचमुच काबिले तारीफ है. इस माहामारी में जब अपने साथ छोड़ रहे थे तो इन दोनों ने कई लोगों को जीवन दान दिया. दोनों की प्रेरणा से इनके जैसे कई और समाज सेवक भी सामने आये और अब हालत सुधरने लगे हैं.हजारों लोगों को उनके बुरे समय में देवदूत बनकर उनका साथ दिया.

गौरव राय पटना के रहने वाले हैं कहते हैं की महामारी के पहले लहर में वो संक्रमित हो गये थे ,दिनों दिन उनकी तबियत खराब होती जा रही थी.किसी तरह पी.एम.सी.च में एक बेड मिला मगर हालत सुधरने के वजाय बिगड़ने लगा.उन्हें ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी ,किसी तरह उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट मिला और गौरव स्वस्थ हुए . उन्होंने इस बीच कई मरीजों को देखा जिन्होंने बिना ऑक्सीजन के अपनी जान गवां दी.बस उसी दिन से गौरव ने यह ठान लिया की वह पटना में किसी को ऑक्सीजन के आभाव में मरने नहीं देंगे.इसके बाद गौरव और उनके परिवार ने मिलकर हजारों से जयादा लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया.

मुकेश हिसारिया पटना के जाने माने समाजसेवी हैं जो कई सालों से जरूरतमंद लोगों को निशुल्क रक्त मुहैया करवा रहे हैं.इनके साथ हजारों की संख्या में रक्त्वीर जुड़े हुए हैं जो समय समय पर रक्तदान करते रहते हैं.थैलेसिमिया से पीड़ित मरीजों को निरंतर रक्त की जरूरत होती है मुकेश जी उन सभी के लिए लाइफ लाइन बने हुए हैं. इस भायवह महामारी में जब लोग दाने दाने को मोहताज़ हो गये तो उन्होंने प्रसादम के नाम से लोगों को निशुक्ल खाने का पैकेट बांटा .कई लोगों को निधन के बाद उनके परिजन तक लावारिश छोड़ गये तो उनके अंतिम संस्कार का प्रबंध करवाया .

बिहार के इन दोनों समाजसेवक को डिटोल इंडिया ने अपने प्रोडक्ट पर इनका फोटो और विवरण छाप कर इन्हें सम्मान दिया है.

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