हाथीदह में खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर बह रही गंगा, टाल के कई इलाके डूबे

हाथीदह में खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर बह रही गंगा, टाल के कई इलाके डूबे

पटना। बिहार में बाढ़ का खतरा तेजी से कई इलाकों को लील रहा है। गंगा सहित उत्तर बिहार की आधा दर्जन से ज्यादा नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई नए इलाके शामिल हो गए हैं।

गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह पटना के गांधी घाट में खतरे के निशान से 18 सेमी ज्यादा रहा। वहीं मोकामा के पास हाथीदह में नदी खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर बह रही है जबकि भागलपुर के कहलगांव में 36 सेमी ज्यादा है। पटना, मुंगेर, बेगूसराय, भागलपुर के निचले इलाकों में गंगा का पानी तेजी से फैल गया है जिससे कई आवासीय इलाके जलमग्न हो गए हैं। विशेषकर दियारा के क्षेत्रों में लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

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Mokama ,मोकामा

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उत्तरी बिहार में कोसी, बागमती के उफनाने के कारण खगड़िया जिले के 135 गांव पानी से घिर गए हैं। यहां करीब 1.5 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। वहीं राज्य के 16 जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 84 लाख लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं।

गंगा के जलस्तर में हुई बढोत्तरी और दक्षिण बिहार की कुछ नदियों पुनपुन, सोन आदि का जलस्तर बढ़ने से मोकामा बड़हिया टाल क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर गया है। मरांची और औंटा टाल का बड़ा भूभाग डूब गया है। वहीं मोकामा में टाल के ऊपरी इलाकों में पानी आना शेष है जबकि नदी के तट वाले टाल क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है।

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