गांधी जयंती पर मोकामा से जुड़े महात्मा गांधी के संस्मरणों को किया याद

गांधी जयंती पर मोकामा से जुड़े महात्मा गांधी के संस्मरणों को किया याद

मोकामा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 2 अक्टूबर को मोकामा के लार्ड कृष्ण एकेडमी में मनाई गई।

वक्ताओं ने महात्मा गांधी के त्याग, बलिदान और अहिंसा का स्मरण किया। कीर्ति आजाद ने वियतनाम आंदोलन से जोड़कर गांधी की प्रासंगिकता को उद्धृत किया। शिक्षक विनय कुमार ने कहा गांधी और शास्त्री देश की हर पीढ़ी के लिए अनुकरणीय व्यक्तित्व हैं। शिक्षक प्रमोद कुमार ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की नेतृत्व कुशलता, दूरदर्शिता और आत्मबल के सहारे सभी प्रकार संघर्ष को जीतने के जज्बे पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि आरपीएफ मोकामा के इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि हमें दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। व्यवस्थित और अनुशासित जीवन के पथप्रदर्शक रहे गांधी जी और शास्त्री जी का नई पीढ़ी को अनुसरण करना चाहिए।

भाजपा नेता उदय कुमार ने गांधी को भारत का प्रतीक पुरूष और शास्त्री को राजनीतिक शुचिता का प्रतीक बताया। गांधीवादी विचारक आनंद शंकर ने महात्मा गांधी के तीन बार मोकामा आगमन से जुड़े संस्मरणों पर प्रकाश डाला। मोकामा विधानसभा क्षेत्र से राजग के संभावित उम्मीदवार अशोक नारायण ने कहा कि गांधी और शास्त्री जी का अनुसरण करके ही हम सुराज और रामराज की परिकल्पना साकार कर सकते हैं।

इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में मगही कवि भाई बालेश्वर एवं शायर ने अपनी रचनाएं सुनाकर वाहवाही बटोरी। संचालन पारस कुमार ने किया। निरंजन कुमार उर्फ पप्पू जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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