कोरोना से मोकामा के औंटा में 4 दिन में 11 मौत! गांव में दहशत

मोकामा। कोरोना संक्रमण तेजी से मोकामा प्रखंड को अपनी जद में ले रहा है। खासकर मोकामा के औंटा पंचायत में कोरोना संक्रमितों की तेजी से बढ़ती संख्या से पूरा गांव खौफजदा है।

सोमवार सुबह औंटा में एक शिक्षक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो पिछले चार -पांच दिन में औंटा गांव में करीब 11 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इनमें से कितने लोग कोरोना संक्रमित थे इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। लेकिन, जिन लोगों का निधन हुआ है उनके परिवार में अभी भी कई लोग बुखार, सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं जबकि कुछ के कोरोना जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। यही कारण है कि भले ही मृतकों में सभी की कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं है लेकिन मौत के बाद जिस तरह से उनके घरवालों की तबीयत बिगड़ी हुई है उससे कोरोना के लक्षण का अंदेशा जताया जा रहा है।

औंटा ग्राम निवासी और प्रयास कोचिंग के संचालक सत्यम कुमार ने बताया कि पिछले 4 दिनों में हमारे गांव के 11 लोग कोरोना की वजह से अपनी ज़िन्दगी हार गए और उनके घर वालों में लगभग 30 फीसदी सदस्य संक्रमित हैं। लेकिन ना तो गांव में कोई containment जोन बना है और ना ही एहतियात के रूप में किसी तरह की कोई भी सुविधा मिल रही है। वे अपने गाँव औंटा को कोरोना की महामारी से बचाने के लिए सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील करते हैं।

वहीं औंटा के एक अन्य शख्स ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि पिछले सप्ताह गांव में वैक्सीन शिविर लगाया गया था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वैक्सीन ली। वैक्सीन लेने के बाद से कई लोग बुखार से ग्रसित हो गए। उनमें कुछ पहले से ही श्वसन समस्या या अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। हालांकि वैक्सीन लेने के बाद लोगों की स्थिति बिगड़ी और कुछ की मौत हो गई। वहीं कुछ मौतें ऐसे लोगों की हुई जिन्होंने लक्षण आने के बाद उसे उजागर नहीं किया और जब स्थिति बिगड़ी तब तक देर ही चुकी थी।

अब ग्रामीणों को भय है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दो चार दिन उनके लिए बेहद भयावह रहेंगे। ऐसे में गांव वालों ने संबंधित अधिकारियों से अपील की है गांव में सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही कोरोना लक्षण वालों की त्वरित जांच और उपचार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो। अन्यथा यह महामारी का दौर औंटा के लिए बेहद दुश्वारियों भरा हो जाएगा।

न सिर्फ औंटा बल्कि मोकामा शहरी क्षेत्र और मोकामा-घोसवरी के अन्य ग्राम पंचायतों में ही हाल के दिनों में कोरोना से बीमार होने वालों की संख्या बढ़ी है। इनमें कुछ की मौत भी हुई है। अगर मोकामा के दवा दुकानदारों की मानें तो पिछले एक सप्ताह में बुखार, एंटीबायोटिक दवाओं और विटामिन सी एवं जिंक टेबलेट खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह संकेत है कि लोग अपने स्तर पर कोरोना से बचने के लिए प्रचलित दवाओं का सेवन कर रहे हैं।

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।