मोकामा के बच्चों ने रचा इतिहास

यह बीते युग की बात है जब मोकामा के बच्चों को पटना और अन्य शहरों में किराए के कमरा तक नसीब नहीं होता था। मोकामा को अपराध की राजधानी तक कहने लगे थे लोग। पूरे बिहार में रक्त की होली खेलने में मोकामा सबसे आगे था।आज मोकामा के बच्चों ने मोकामा को एक सुनहरा आयाम दिया है।पिछले 2 दशकों से यंहा के बच्चों ने हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर मोकामा को गौरवान्वित किया है। चाहे खेल का मैदान हो या हिमालय की चोटी,बात फिल्मों की हो या किताबों की, प्रशाशनिक सेवाओं में भी अब मोकामा के बच्चे चयनित हो रहे हैं।
कल जब बीपीएससी 64वीं संयुक्त परीक्षा का परिणाम आया तो मोकामा के कई बच्चे इसमें चयनित हुए। मराँची निवासी अमन कुमार, सकरवार टोला की संगीता कुमारी,घोसवरी कर्रा की रिमझिम गुड़िया इस परीक्षा में चयनित हुई।अति साधारण परिवार से निकल कर इस मुकाम तक पहुचने वाले और मोकामा को गौरवान्वित करने वाले इन सभी प्रतिभागियों को मोकामा ऑनलाइन की हार्दिक बधाई।

टिप्पणियाँ बंद हो जाती हैं, लेकिन Trackbacks और Pingbacks खुले हैं।