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सामाजिक

25 मार्च 2020 से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि

सर्दी की समाप्ति और ग्रीष्म ऋतू की आगाज पर होती है चैत्र नवरात्रि. दो ऋतू के मिलन के अवसर पर जब पेड़ों पर नये नये पत्ते हरयाली से वातावरण को मनमोहक कर देते हैं .आम और लीची के मंजर से माहौल मादक और खुश्नुमा हो उठता है.येसे पवित्र वातावरण
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शहीद रौशन को उसकी शाहदत का सम्मान कब ?

सीआरपीएफ कोबरा के बटालियन 205 के सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे रौशन जब गया-औरंगाबाद की सीमा पचरुखिया जंगल में हुए विस्फोट में उनकी मौत हो गयी.2016 में उन्होंने कोबरा में सब-इंस्पेक्टर के पद पर ज्वाइन किया था .2 साल की नौकरी के बाद ही…
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डॉ मंजय कश्यप को बिहारश्री रत्न से किया गया सम्मानित

मोकामा के लाल को बिहारश्री रत्न से किया गया सम्मानित। बिहार के सबसे चर्चित कालिदास रंगालय में डॉ सी पी ठाकुर जी द्वारा बिहार के कुछ ऊर्जावान कलाकारों को उनके कला और संगीत के क्षेत्र में किये गए योगदान के लिए बिहारश्री रत्न से सम्मानित किया…
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मोकामा के बेटे वरुण की अगुवाई में बकार्डी इंडिया द्वारा ओडिशा के मुख्यमंत्री को 25 लाख का चेक दिया…

मोकामा के बेटे वरुण की अगुवाई में बकार्डी इंडिया द्वारा ओडिशा के मुख्यमंत्री को 25 लाख का चेक दिया गया।ओडिशा में पिछले महीने आये ताकतवर तूफान फैनी ने राज्य में भारी तबाही मचाई थी,65 से ज्यादा लोगों की मरने की पुष्ठि की गई थी। ओडिशा सरकार के…
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बेटियां बाज़ी मारेगी

कबड्डी और कुश्ती को ताकत का खेल माना जाता है और ज्यादातर लड़के ही इस खेल का हिस्सा बनती है मगर बीते कुछ सालों में मोकामा की बेटियों ने इस खले में अपना झंडा लहराया है देखने वालों की आँखे खुली रह गई .स्मिता ,कोमल,नीतू ,शमा सबने कबड्डी…
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याद किये चाकी

एक युवक जिसने अपने प्राणदीप भारत माता के चरणों को अर्पित कर दिया । एक युवक जिसने अपने लहू से मोकामा की पावन धरती पर क्रांति लिख गया । एक युवक जिसकी शहादत ने मोकामा की राजनीतिक इतिहास को गरिमा प्रदान कर गया । एक युवक जिसके आत्मोत्सर्ग के…
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आयें एक दिया जलाये चाकी के नाम का शाम 7 बजे शहीद गेट मोकामा

एक युवक जिसने अपने प्राणदीप भारत माता के चरणों को अर्पित कर दिया । एक युवक जिसने अपने लहू से मोकामा की पावन धरती पर क्रांति लिख गया । एक युवक जिसकी शहादत ने मोकामा की राजनीतिक इतिहास को गरिमा प्रदान कर गया । एक युवक जिसके आत्मोत्सर्ग के…
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मुफलिसी की जिंदगी काट रहे मगही कवि बालेश्वर

मुफलिसों की जिंदगी का जिक्र क्या, मुफलिसी की मौत भी अच्छी नहीं..., रियाज खैराबादी की यह पंक्ति प्रख्यात मगही कवि भाई बालेश्वर पर सटीक बैठती है. मगही इंटर पाठ्यक्रम में पढ़ाई जा रही भाई बालेश्वर की कविता ‘हे भीष्म’ समाज की कुव्यवस्था पर आघात…
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डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को मोकामा ऑनलाइन की तरफ से भाव भीनी श्रद्धांजलि!

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को मोकामा ऑनलाइन की तरफ से भाव भीनी श्रद्धांजलि! https://www.youtube.com/watch?v=k5Lz308TY5E चाचा चले गए :- आधुनिक भारत के चाचा कलाम के नाम से मशहूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का 83 साल की उम्र में…
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रविकान्त

जन्म: 1967 जन्म स्थान दरबे, मोकामा, पटना, बिहार कुछ प्रमुख कृतियाँ Translating Partition (Katha, नई दिल्ली, 2001) ; दीवान-ए-सराय 01: मीडिया विमर्श: हिन्दी जनपद ; दीवान-ए-सराय 02: शहरनामा (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)। आख़िरी…
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