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धारित्री

मोकामा से मुम्बई तक जिद और जुनून से कर दिखाया असम्भव को सम्भव

मोकामा से मुम्बई तक जिद और जुनून से कर दिखाया असम्भव को सम्भव। एक किसान के घर में पैदा होने वाला लड़का सोच लेता है कि मैं फिल्मों के लिए कहानियां लिखूंगा ,तो लोग कहते है कि घास भूषा में ही दबकर मरेगा सिनेमा बनाएगा तुम्हारे बस का नही वँहा सब…
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सात साथियों के शहादत के बाद भी रामकृष्ण सिंह ने सचिवालय पर झंडा फहराया था

आज सचिवालय पटना में साथ शहीद का स्मारक पटना के गौरव को बढ़ता है.बिहार के स्वतंत्रा सेनानिओं की क़ुरबानी की गाथा सुनाता है . 11 अगस्त, 1942 को जब कुछ युवक सचिवालय पर तिरंगा फहराने लेकिये आगे बढे तो किसी को ये अनुमान तक नही था की अंग्रेज इस…
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स्व.पं. साधू शरण शर्मा ,खूब लड़े अंग्रेजो से

15 अगस्त आने को है.अगस्त का महिना भारत के इतिहास का सबसे सुखद और दुखद महीना माना जाता है.क्योंकि इसी महीने भारत आजाद हुआ मगर इसके टुकड़े हो गये.आइये जानते है इस महीने मोकामा के कुछ स्वतंत्रता सेनानी को जिनके बिना मोकामा का सुनहरा इतिहास…
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मोकामा के शान, कुमार शानू ने बढ़ाया बिहार का मान

मोकामा सहित पूरे देश के युवाओं के प्रेरणास्रोत और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता तथा सामाजिक कार्यकर्ता कुमार शानू को उनकी उपलब्धियों के लिए 8 जुलाई को नई दिल्ली में बिहार प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया।केंद्रीय मंत्री एस.एस. अहलुवालिया ने कुमार…
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मोकामा की उन महिलाओं को सलाम ,जिन्होंने अपने दम पर मोकामा को गौरवान्वित किया

आज मौका है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की तो हम शुभकामनाएं देते है उन बेटी ,बहु ,बहन का जिन्होंने अपने दम पर मोकामा को गौरवान्वित किया है .वैसे तो मोकामा की हर महिला ही अपने आप में शक्ति स्वरुप है ,पूजनीय है ,पर कुछ ने…
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एक था कीसा!

एक था कीसा;- कीसा मतलब कृष्ण सा ..थोरा नटखट थोरा शर्मीला,वैसे तो उसका पूरा नाम कृष्णकांत शर्मा था पर उसके कर्मों के कारन लोग उसे किसान सिंह तो कोई एम्बुलेंस बुलाता था मगर वो कीसा के नाम से ही जाना जाता था, जैसे भगवान कृष्ण ने लोगो को आपदा…
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बेटियां बाज़ी मारेगी

कबड्डी और कुश्ती को ताकत का खेल माना जाता है और ज्यादातर लड़के ही इस खेल का हिस्सा बनती है मगर बीते कुछ सालों में मोकामा की बेटियों ने इस खले में अपना झंडा लहराया है देखने वालों की आँखे खुली रह गई .स्मिता ,कोमल,नीतू ,शमा सबने कबड्डी…
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आरती बेटी बिहार की

राष्ट जब अपना 69 गणतंत्र दिवस मन रहा था. तो मोकामा की बेटी आरती अपने सपने को सच करने के लिए गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर उतरी थी.भाड़ी भरकम बुलेट पर जंहा अच्छे अच्छे लडखडा जाते है आरती ने पूरी कुशलता अपना परफोर्मेंस दिया.इस बार…
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शमा जलती रहे तो बेहतर है

'लोग मैदान में शौच करके चले जाते थे...ताकि मैं खेल न सकूं' ये कहना है कब्बडी खिलाड़ी शमा परवीन का . पिछले कुछ वर्षों से मोकामा की मिट्टी ने कुछ येसे हीरे उगले हिया जिसकी चमक से पूरा हिन्दुस्तान चमका है.कभी स्मिता ,कभी नीतू ,कभी शमा…
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याद किये चाकी

एक युवक जिसने अपने प्राणदीप भारत माता के चरणों को अर्पित कर दिया । एक युवक जिसने अपने लहू से मोकामा की पावन धरती पर क्रांति लिख गया । एक युवक जिसकी शहादत ने मोकामा की राजनीतिक इतिहास को गरिमा प्रदान कर गया । एक युवक जिसके आत्मोत्सर्ग के…
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