चुनाव पूर्व बिहार को पीएम मोदी का तोहफा, 86 साल बाद आपस में जुड़ा मिथिला और कोसी

चुनाव पूर्व बिहार को पीएम मोदी का तोहफा, 86 साल बाद आपस में जुड़ा मिथिला और कोसी

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व 18 सितम्बर को बिहार की एक बहुप्रतीक्षित परियोजना पूरी हुई। बिहार में 86 साल के बाद मिथिला और कोसी आपस में जुड़ेंगे। यह बिहार वासियों के लिए सौभाग्य का दिन है। कितनी सरकारें आईं और गईं,किसी ने कोसी पुल के बारे में नहीं सोचा। घोषणायें तो बहुत की गईं। इस संबंध में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पहल की, लेकिन उनकी सरकार जाने के बाद फिर यह ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे पूरा कराने की पहल की और केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कोसी महासेतुल पर काम शुरू हुआ और आज से यह देश को समर्पित होगा।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 18 सितंबर (शुक्रवार) को 516 करोड़ की लागत से निर्मित कोसी महासेतु का उद्घाटन कर दिया। आज ही पीएम मोदी सुपौल के सरायगढ़ से आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन भी रवाना किया। इससे कोसी क्षेत्र से मिथिलांचल का सीधा रेल मार्ग से जुड़ाव हो जाएगा।

इस रेल पुल के शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की 298 किलोमीटर की दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी। अभी निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगो को दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया- मानसी-सहरसा होते हुए 298 किमी की दूरी तय करनी होती है। इस नए पुल पर जून में ही ट्रेनों के परिचालन का ट्रायल सफल रहा है।

इस अवसर पर सीएम नीतीश सरकार में खुले संस्थानों का जिक्र करते हुए कहा कि आज बिहार में शिक्षा के बड़े-बड़े केंद्र खुल रहे हैं। अब एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है। अब राज्य में आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थान बिहार के नौजवानों के सपनों को ऊंची उड़ान देने में मदद कर रहे हैं।

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