बख्तियारपुर हो नीतीश नगर, लुटेरे के नाम पर शहर का नाम मंजूर नहीं- हरी भूषण ठाकुर।

बख्तियारपुर हो नीतीश नगर।

बिहार। पटना। बख्तियारपुर। (Bihar Bakhtiarpur)बिहार की राजधानी पटना से करीब 55 किलोमीटर दूर प्राचीनतम नगर बख्तियारपुर के नाम को बदलने की चर्चा हो रही है। भाजपा नेता हरी भूषण ठाकुर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ही मांग कर दी कि बख्तियारपुर का नाम नितीश नगर कर दिया जाए। उन्होंने तर्क भी दिए कि जिस तरह इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिया गया जिस तरह मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर दिया गया उसी तरह बख्तियारपुर का नाम भी नीतीश नगर कर दिया जाना चाहिए।

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लुटेरे के नाम पर शहर का नाम मंजूर नहीं- हरी भूषण ठाकुर।

भाजपा की तेजतर्रार फायर ब्रांड नेता अपने बेबाक बातों के लिए जाने जाते हैं उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का गृह नगर रहा है बख्तियारपुर यहीं से उन्होंने अपनी आरंभिक पढ़ाई लिखाई की है वह यहीं के निवासी हैं। नीतीश कुमार के शासन में बिहार एक नई ऊंचाई पर पहुंचा है तो नीतीश कुमार के सम्मान में बख्तियारपुर का नाम नीतीश नगर रख देना चाहिए।(Bihar Bakhtiarpur)

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Bihar Bakhtiarpur
बख्तियारपुर हो नीतीश नगर, लुटेरे के नाम पर शहर का नाम मंजूर नहीं- हरी भूषण ठाकुर

बख्तियार खिलजी के नाम पर ही इस नगर का नाम बख्तियारपुर रखा गया।

ज्ञात हो कि बख्तियारपुर एक पौराणिक शहर है मान्यता है कि नालंदा विश्वविद्यालय को लूटने और उसके ग्रंथ आले को जलाने वाला बख्तियार खिलजी के नाम पर ही इस नगर का नाम बख्तियारपुर रखा गया है। बख्तियार खिलजी सुलतान कुतुबुद्दीन एक का सेनापति था।सुलतान के आदेश पर इसने नालंदा और विक्रमशिला को तहस नहस कर दिया।11930में इसने इस नगर को बसाया था, नाम रखा था बेगमपुर। पटना से नजदीक होने के कारण नन्हा से कई नगरों पर नियंत्रण आसान हो गया।बख्तियार खिलजी इस नगर से पूर्वी भारत पर शासन करना चाहता था।लगभग 10साल बाद ही बख्तियार खिलजी की मौत हो गई। उसके बाद इस नगर का नाम बख्तियारपुर कर दिया गया।अब इस लुटेरे के नाम से इस शहर के मुक्ति दिलाने के लिए भाजपा हरी भूषण ठाकुर ने बख्तियारपुर का नाम नीतीश नगर रखने की मांग कर दी है।

नीतीश कुमार ने 5 बार लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।

ज्ञात हो की मुख्यमंत्री का निवास स्थान होने के साथ साथ ही यह इनका राजनीतिक क्षेत्र भी रहा है। नीतीश कुमार ने 5 बार लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।

सात साथियों के शहादत के बाद भी रामकृष्ण सिंह ने सचिवालय पर झंडा फहराया था।

स्व.पं. साधू शरण शर्मा ,खूब लड़े अंग्रेजो से।

याद किये गये चाकी।

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