Bhagvat Katha Smapt ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं पहला भरोसा बनाने की प्रेरणा देकर सम्पन्न हुआ भागवत कथा,

ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं पहला भरोसा बनायें ।

बिहार ।पटना ।मोकामा।(Bhagvat Katha Smapt) ईश्वर को आख़िरी उम्मीद नहीं पहला भरोसा बनाइये। ये विचार श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर कथावाचक देवकीनंदन भारद्वाज जी महाराज ने व्यक्त किए।

कमलेश्वरी स्थान में भागवत कथा का हुआ समापन।

मोकामा के कमलेश्वरी स्थान में 1 से 7 सितंबर तक आयोजित हुए भागवत कथा का समापन मंगलवार को हुआ। व्यासपीठ से भगवान के विविध प्रसंगों की संगीतमय कथा का रसपान करते श्रोताओं का भक्तिभाव देखते ही बना। सुमधुर भजनों पर असंख्य भक्तगण भाव विभोर होकर झूमते दिखे।(Bhagvat Katha Smapt)

कथावाचक देवकीनंदन भारद्वाज जी द्वारा 7 दिन तक चला भागवत कथा ।

कथावाचक ने भागवत कथा के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला और किस प्रकार भगवान की भक्ति कर हम अपना लोक और परलोक सुधार सकते हैं कि प्रेरणादायक व्यख्या की।

धर्म से जीवन का कल्याण संभव है।

उन्होंने कहा कि धन से नहीं धर्म से जीवन का कल्याण संभव है। धर्म से ही आपकी रक्षा होगी। धर्मपरायण समाज ही अपनी संस्कृति, संस्कार और सनातन परंपरा को संरक्षित एवं सुरक्षित रख सकता है।(Bhagvat Katha Smapt)

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सुदामा की भांति बनेंगे तो तीनों लोकों के स्वामी श्री कृष्ण स्वयं हमारा उद्धार करेंगे।


कथा समापन पर श्रीकृष्ण और सुदामा चरित का वर्णन करते हुए कहा कि जिसका भरोसा कृष्ण पर होगा उसका सुफल ही होगा। सुदामा की भांति बनेंगे तो तीनों लोकों के स्वामी श्री कृष्ण स्वयं हमारा उद्धार करेंगे। इस अवसर पर आकर्षक झांकी सजाई गई और छोटे छोटे बच्चों ने भाव पूर्ण भजनों की प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरी।

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