अतुल्य गंगा परिक्रमा दल 5 को मोकामा में

इतिहास में विलुप्त हो चुकी गंगा परिक्रमा की एक बार पुनः शुरुआत की गयी है । परिक्रमा यात्र प्रयागराज में संगम के उत्तरी किनारे से गंगा सागर पहुंची और फिर गंगा सागर पार कर गंगा के दक्षिणी किनारे से मोकामा के रास्ते गोमुख तक जाएगी व पुनः उत्तरी किनारे से प्रयागराज पहुंचकर विराम लेगी। 5100 किमी लंबी यह पद यात्र भारतीय सेना के तीन सेवानिवृत्त अफसरों की पहल पर हो रही है, जिसका शुभारंभ 16 दिसंबर 2020 को किया गया एवं यह 15 अगस्त 2021 तक चलेगी। देश सेवा में अपना जीवन समर्पित कर चुके इन दिग्गजों ने अब भारत की सबसे बड़ी जीवन-रेखा को पुनर्जीवित करने का बीड़ा अपने मजबूत कंधों पर उठाया है। वैसे गंगा को फिर से अविरल और निर्मल बनाना कितना मुश्किल है, यह बात अब देश से छिपी हुई नहीं है, लेकिन सेना के तीन दिग्गजों ने ठान लिया है कि वह अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे। पवित्र गंगा देश की करीब 50 करोड़ से ज्यादा आबादी के लिए अभी भी जीवनदायिनी है और दुनिया के हर 12वें इंसान की जिंदगी यहीं गुजरती है। फिर भी इंसानों की वजह से हुई इसकी दुर्गति को दूर करने के लिए ‘अतुल्य गंगा’ के नाम से 15 दिसंबर से एक ऐतिहासिक पद यात्रा की शुरुआत की गयी है।

गंगा परिक्रमा की टोली का दिनांक 05 – 03 – 2021 को मोकामा में 01 :30 बजे आगमन हो रहा है, इन दिग्गज भारत माता एवं माँ गंगा के सपूतो के आगमन के उपलक्ष में गंगा आरती का आयोजन किया गया है, आप सभी मोकामा नगरवासी से निवेदन है की दिनांक 05 – 03 – 2021 को संध्या 05 :30 से 06 :30 बजे गंगा आरती में अवस्य भाग ले एवं गंगा को शुद्ध एवं निर्मल बनाने में अपना योगदान दे।

आगमन स्थल व समय
पचमहला- – 6:00 AM
जलालपुर- 6:15 AM
डुमरा- 6:30 AM
बादपुर-7:30 AM
शेरपुर-7:45 AM
मरांची- 8:30 AM
हाथीदह/ महेन्दरपुर – 09:30 AM
औटा-10:00 AM
मोकामा घाट-11:00 AM
चिंतामणि चक- -11:30 AM
मोकामा- -11:45 AM

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