पशु प्रेम की अद्भुत मिसाल: सिमरिया में किया बंदर का वैदिक रीति रिवाज से दाह संस्कार

पशु प्रेम की अद्भुत मिसाल: सिमरिया में किया बंदर का वैदिक रीति रिवाज से दाह संस्कार

लखीसराय। पशु प्रेम की अद्भुत मिसाल कायम करते हुए लखीसराय के लोगों ने एक बंदर का अंतिम संस्कार सिमरिया घाट में पूरे सनातन विधि विधान से किया।

जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित रामगढ़ गांव में पिछले सप्ताह एक बंदर घायल अवस्था में आ गया। ग्रामीणों ने बंदर का उपचार कराया । हालांकि इसी बीच एक बार फिर से बंदर की तबीयत बिगड़ने लगी। रविवार मध्य रात्रि में अचानक से बंदर की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसने दम तोड़ दिया।

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बंदर की मौत से पूरा गांव गमगीन हो गया। अंततः गांव वालों ने बंदर का अंतिम संस्कार वैदिक रीति रिवाज से करने की योजना बनाई। चूंकि हिन्दू धर्म में हनुमान जी को स्वरूप बंदर का है इसलिए आम धारणा है कि वीर हनुमान बंदर के ही वंशज हैं।

गांव वालों ने बंदर को लेकर मौजूद इस धारणा के कारण उसके शव को पूरे गांव में घुमाया। बाद में रामगढ़ से विशेष वाहन कर बंदर के शव को हाथीदह के पर सिमरिया घाट ले जाया गया। वहां पूरे वैदिक रीति रिवाज से शव का दाह संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने अब सामुहिक रूप से श्राद्ध कर्म के तहत भंडारा करने की योजना बनाई है।

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