बाढ़ के वजह से पिछात , अब खाद के लिए झुझते किसान।

बाढ़ के वजह से पिछात , अब खाद के लिए झुझते किसान।(Mokama Online)

बिहार।पटना।मोकामा।मोकामा के किसानों को खाद के लिए भरी सर्दी में पसीना बहाना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी चाहे जितना दावा कर लें मोकामा में अब भी यूरिया और खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। खाद व यूरिया के लिए मोकामा के किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।(343 Mokama Online News)

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कोई सरकार इन्हे सांत्वना के सिवा कुछ भी न दे सका।(Mokama Online)

कोई सरकार इन्हे सांत्वना के सिवा कुछ भी न दे सका।किसानों की आय दुगुनी करने वाली केंद्र की सरकार हो या सूबे की नीतीश सरकार मोकामा के किसान सभी के द्वारा उपेक्षित।मोकामा के किसानों ने खाद न मिलने की इस समस्या के लिए पूरी तरह से कृषि विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।(343 Mokama Online News)

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खाद नही मिलने पर किसान कभी सरकारी एजेंसी तो कभी विभागीय उच्च अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर लगा रहे हैं।(Mokama Online)

मोकामा टाल में खेती करने वाले किसान रंजीत कुमार ने बताया कि विभाग के आला अधिकारी किसानों की समस्या को सुनने को तैयार नही है। यूरिया खाद नही मिलने पर किसान कभी सरकारी एजेंसी तो कभी विभागीय उच्च अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर लगा रहे हैं।ऐसा भी नहीं है कि उच्च अधिकारियों को इस बारे में मालूम न हो, लेकिन अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए मौन साधे हुए हैं।(Mokama Online)

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मोकामा में दर्जनों प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां किसानों की लंबी भीड़ लगी दिखाई देती है।(Mokama Online)

अभी दो दिन पहले ही बरसात हुई है फसलों में अभी खाद कितना जरूरी है यह हर कोई जानता है।मोकामा में दर्जनों प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां किसानों की लंबी भीड़ लगी दिखाई देती है। 10-10 घंटे इंतजार करने के बाद भी किसानों को खाद मिल जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं ।स्थानीय जनप्रतिनिधि जो अपने को किसान का बेटा बताते है कभी भी किसानों की दर्द नहीं समझते हैं।किसानों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को खाद की किल्लत को लेकर शिकायत की मगर मिला सिर्फ आश्वासन।

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