मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को प्रशासनिक गति



मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मिली रफ्तार | Mokama-Munger Four Lane Greenfield Expressway Project Update

मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को प्रशासनिक गति

Administrative Push to Mokama-Munger Four Lane Greenfield Expressway Project

मोकामा/लखीसराय: मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Mokama Munger Four Lane Greenfield Expressway) परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर तेज गति दी जा रही है। 4,447 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली 82.4 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे (Infrastructure Development) को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन संचालित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इसके पूरा होने से न केवल पूर्वी बिहार, बल्कि झारखंड के साथ भी सड़क संपर्क (Connectivity) अधिक सुगम और सुदृढ़ होगा।

दो बड़े पुलों का प्रस्ताव

परियोजना के अंतर्गत दो बड़े पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। इन पुलों के निर्माण से यातायात को सुरक्षित और निर्बाध बनाने में सहायता मिलेगी। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Greenfield Expressway) होने के कारण यह मार्ग नई रेखांकन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे वर्तमान सड़कों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

60 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण

ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण के लिए 60 मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहित की जाएगी। लखीसराय जिले के पांच प्रखंडों के कुल 48 मौजा में 342.97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक 46 मौजा की 270.71 हेक्टेयर भूमि के लिए अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है।

शेष दो मौजा—लखीसराय अंचल के दामोदरपुर और बड़हिया अंचल के इंग्लिश—की अधिसूचना फिलहाल लंबित है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अंचल कार्यालय से खतियान और जमाबंदी विवरण प्राप्त नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई है। दस्तावेज उपलब्ध होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गजट प्रकाशन का प्रस्ताव भेजा गया

जिला प्रशासन ने 174.72 हेक्टेयर भूमि के गजट प्रकाशन (Gazette Notification) का प्रस्ताव एनएचएआई को भेज दिया है। अधिघोषणा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को विभागीय फॉर्मेट-22 और संबंधित नक्शे उपलब्ध करा दिए गए हैं।

प्रशासन ने भूमि सत्यापन (Land Verification) की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए 28 फरवरी तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सत्यापन कार्य पूर्ण करने से अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आएगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापारिक परिवहन और स्थानीय आवागमन को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन (Freight Movement) की लागत और समय में कमी आ सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजनाएं दीर्घकालिक दृष्टि से क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होती हैं। मोकामा-मुंगेर फोरलेन भी इसी श्रेणी की एक प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजना है।

प्रशासन की निगरानी जारी

जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी भूमि अधिग्रहण, दस्तावेज सत्यापन और अधिसूचना संबंधी प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल भूमि अधिग्रहण और अधिसूचना प्रक्रिया परियोजना की प्रगति का मुख्य चरण है। इसके पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है।

मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Bihar Greenfield Highway Project) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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