Browsing Category

Uncategorized

अमर शहीद प्रफुल्ल चंद चाकी

२ मई १९०८ की सुबह  रेलवे के उस पुलिया पर दोनों और से दना दन गोलियाँ चल रही थी.जो लोग उस समय वंहा रेलवे स्टेशन पर अपने गाड़ियो का इन्तजार कर रहे थे  उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था लोग जन्हा जगह मिली वही छुप गए.लगभग २:३० घंटा गोलियों की गूंज से…
Read More...

मगही कवि भाई बालेश्वर

सामंतवादी माहौल ने एक रिक्शा चालक को कवि बना दिया.जिला स्तर पर ही सही ,लेकिन उनकी एक पहचान है .बाढ़ कोर्ट में एडवोकेट लिपिक (ताईद) के रूप में कार्यरत भाई बालेश्वर की पहचान एक मगही कवि के रूप में ज्यादा है.विद्रोही तेवर वाले भाई बालेश्वर का…
Read More...

डॉ बैद्यनाथ शर्मा (बच्चा बाबु)

आइये आज जाने मोकामा के उस लाल को जिसने अपनी लेखनी के बल पर मोकामा का नाम रौशन किया.डॉ बैद्यनाथ शर्मा का जन्म दिनांक २७ अगस्त १९३६ को मगध साम्राज्य की गौरवशाली धरती पटना जिले के मोकामा सकरवार टोला में हुआ . गंगा(नदी) से बेहद लगाव था…
Read More...

रमेश नीलकमल

आइये आज जाने मोकामा के उस लाल को जिसने अपनी लेखनी के बल पर मोकामा का नाम रौशन किया.21 नवम्बर, 1937 को जनमे, पले-बढ़े बिहार, पटना, मोकामा के ‘रामपुर डुमरा’ गाँव में। पढ़े गाँव में, बड़हिया में, कोलकाता में बी.ए. तक। फिर पटना से बी.एल. एवं…
Read More...

मिट रही पहचान, नहीं मिलते कद्रदान

भारतीय मूर्ति कला पूरे विश्व में अद्वितीय मानी जाती थी है, और रहेगी भी। आज भी इसकी उतनी ही मांग है जितनी पहले थी। पर भारतीय कला को जीवंत रखने वाले कलाकारों को भर पेट दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पाती है। आज अपने ही घर में कला के रखवाले…
Read More...