Spread the love

सतीश सत्यार्थी बाढ़। मोकामा प्रखंड के तहत कन्हाईपुर गांव में स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने पर संवाददाता ने पाया कि एनएच से सटे बिना चहारदीवारी के इस अस्पताल में अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र और उपकेन्द्र संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है लेकिन दो केन्द्रों के एक साथ चलने के बावजूद यहां एक भी चिकित्सक नहीं दिखे। इस अस्पताल भवन में तीन कमरे हैं जिसमें दो कमरों का हमेशा ताला लगा रहता है जबकि एक कमरे का इस्तेमाल टीकाकरण केन्द्र के रूप में किया जा रहा है। अस्पताल के खुले मैदान का उपयोग ग्रामीण कभी-कभी अपनी निजी कामों के लिए करते हैं। परिसर में लोग घुड़सवारी करते अक्सर देखे जा सकते हैं। इस केन्द्र में आयुव्रेदिक चिकित्सक श्री जब्बार एवं छह कर्मचारियों की तैनाती की गयी है लेकिन उनके आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। गांव वाले बताते हैं कि यहां उपचार राम भरोसे ही होता है। चिकित्सक के रहने पर कुछ मरीज इलाज के लिए आ भी जाते हैं लेकिन कई बार तो उन्हें डॉक्टर का इंतजार करते शाम हो जाती है लेकिन उनके दर्शन नहीं होते। अंत में मरीज निराश होकर दवा दुकानदारों अथवा देहाती चिकित्सकों के चक्कर में फंस जाते हैं। हालांकि इस अस्पताल को सुधाने की कोशिश की गयी थी ताकि आसपास के लोग इससे लाभान्वित हो सकें लेकिन यहां व्याप्त कुव्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की गैरहाजिरी से चिकित्सा सेवा पूरी तरह चौपट हो गयी है। कर्मचारियों को बस इस बात से मतलब रहता है कि उनकी हाजिरी बनती रही और उन्हें पगार मिलती रहे। गांव वाले बताते हैं कि यह अस्पताल बस नाम का है। इसी बीच रोगी कल्याण समिति के सदस्य एवं अधिवक्ता प्रेमप्रकाश मनोज से मुलाकात होती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण चिकित्सा सेवा इस क्षेत्र में मरणासन्न हाल में है। हालांकि इसके नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन लोग मामूली उपचार के लिए भी तरस जा रहे हैं। ग्रामीण उपेन्द्र कुमार पाण्डेय की मानें तो इस अस्पताल में कम-से-कम प्रसव की व्यवस्था तो होनी ही चाहिए ताकि गांव की महिलाओं को आपात स्थिति में नजदीक में ही डॉक्टरी सेवा मिल सके। ऐसी महिलाओं और उनके परिजनों को खासकर रात में काफी मुश्किलें उठानी पड़ जाती हैं। पूरे मामले पर जब संवाददाता ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविशंकर से बात की उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण अस्पताल की व्यवस्था लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी नहीं हो पा रही है।

Source : Sahara

एक भवन में दो अस्पताल लेकिन चिकित्सक नहीं

Leave a Reply