मोकामा
समाचार

श्मशान होता सडक एक और मौत

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मोकामा में पिछले कुछ वर्षो से सडक पर होने वाली मौत का सिलसिला बहुत बढ़ गया है .हर 2 से 5 दिन के अन्दर किसी न किसी की सड़क दुर्घटना मे मौत की खबर आते ही रहती है .पर शासन और प्रशासन पता नहीं किस बात का इन्तजार कर रही है .जाने कितने ही युवा कल कवलित हुए हैं .कितनी माँ की कोख उजरी है ,कितनी महिलाएं विधवा हुई है मगर कौन सुनेगा.मोकामा पिछले कई सालों से के मुलभुत सुविधा वाला अस्पताल के लिए तरस रहा है .अगर ये होता तो निश्चय ही कुछ लोगों की जान बच सकती थी.जनता भी शायद अपनी अपनी बारी का इन्तजार कर रही है .आज इसी क्रम में घोसवरी गावं के उपेन्द्र मांझी की बरी आई और एक सडक हादसे में उनका निधन हो गया.कोई झंडा नहीं झुकेगा कोई शोक समरोह नहीं होगा मरने वाला एक आम इंसान थान हमारी आपकी तरह .राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर हुए एक सडक हादसे में सिर्फ उप्नेद्र मांझी नहीं मरे मर गई उनके परिवार की वो उम्मीद भी जिसे जीवन कहते है ,उत्साह कहते है ,जिम्मेदारी कहते है .

इस हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 31 को जाम किया गया पर उससे क्या जनता को और परेशनी ही होगी .सरकारे नहीं सुनेगी .वो बहरी और अंधी होती है .5 घंटे सडक बाधित रहने के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी और हथिदह थानाध्यक्ष अविनाश कुमार के समझने के बाद यातायत सामान्य हो गया है.अभी 2 अप्रेल को ही इसी जगह पर एक मौत हुई थी .मगर प्रशासन इस मौत के बाद भी सोई ही रहेगी .पढिये 2 अप्रेल को हुआ था एक और हादसा गई थी जान