मोकामा
समाचार

अभी भी अपराधियों की सैरगाह बना हुआ है मोकामा ,हाजीपुर अपहरण के सूत्रधार मोकामा से पकडाये

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हाजीपुर के एक निजी स्कूल के नौवीं कक्षा के अपहृत छात्र सन्नी कुमार को पटना और सोनपुर पुलिस ने सीतामढ़ी के करगिल चौक के पास स्थित फातिमा लॉज से गुरुवार को अहले सुबह बरामद कर लिया। अपहर्ताओं ने उसे छोड़ने के लिए 60 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 5 अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया है। फातिमा लॉज से पुलिस ने वैशाली के गौतम, शिवहर के समीर और पटना के बहादुरपुर के पंचवटी नगर के गुप्ता लॉज से वैशाली के ही रौशन और कौशल तथा मोकामा से वैशाली के संतोष को दबोचा।गौतम शातिर अपराधी है और मुजफ्फरपुर के सरैया थाने में दर्ज एक मामले में जेल भी जा चुका है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने गुप्ता लॉज से सन्नी का ड्रेस, स्कूल बैग के अलावा अपहर्ताओं की एक स्कूटी, एक पिस्टल और दो राउंड जिंदा कारतूस बरामद किया है। व्हाइट कलर की स्कॉर्पियो पर सवार चार अपराधियों ने 8 मई को ठेकेदार ललन कुमार के पुत्र सन्नी को हाजीपुर के बस स्टैंड के पास से उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वह स्कूल से लौट रहा था।

1 माह से थी प्लानिंग, अब लाइनर की तलाश :-अपहरण के बाद सन्नी को सीतामढ़ी के फातिमा लॉज में गौतम और समीर के पास रखा। फिर कौशल, रौशन और संतोष पटना चले आए। फिर रौशन ने छात्र के पिता को फोन कर 60 लाख की फिरौती मांगी। रौशन गुप्ता लॉज में रहकर परिक्षाओं की तैयारी करता था। उसने ही अपहरण की साजिश रची। ललन ने नया घर वृंदावन इलाके में बनाया है और वहीं रहते हैं। रौशन बगल के ही दामोदरपुर में ननिहाल आता-जाता था। उसके ननिहाल के ही लाइनर ने बताया कि ललन के बेटे के अपरहण से मोटी रकम मिलेगी। पुलिस लाइनर को तलाश रही है। कौशल ललन के पड़ोसी गांव का ही है। रिहाई के बाद 9वीं के छात्र सन्नी ने कहा-अपहर्ताओं को मैं बरगला रहा था, भरोसा था तब तक पापा ढूंढ़ लेंगे.मैं मंगलवार को दोपहर 1.40 बजे बस स्टॉप पर उतरा था। वहां से मात्र 300 मीटर की दूरी पर मेरा घर है। मैं पैदल ही घर की ओर जा रहा था। तभी मेरे बगल में एक उजले रंग की कार रुकी। दो व्यक्ति नीचे उतरते ही मेरी गर्दन पकड़ ली और माथे पर पिस्टल सटा दिया। मुझे खींचकर गाड़ी में बिठा लिया। बोला- अगर हल्ला करोगे तो गोली मार देंगे। मुझे लग गया कि पापा के किसी दुश्मन ने उठा लिया है। सभी कोडवर्ड में बात कर रहे थे। शाम में एक लॉज में ले गए। रौशन ने मुझसे पापा का नंबर मांगा। मैंने दो नंबर दिए जो बंद हो चुका था। फिर कहा कि अगर सही नंबर नहीं दोगो तो गोली मार देंगे। इसके बाद सही नंबर देना पड़ा। इसके बाद पापा के बारे में पूछने लगे। मैंने कहा कि पापा रेलवे में बिजली मिस्त्री हैं। यह सोचकर गलत जानकारी दे रहा था कि अधिक देर तक उन्हें बरगलाउं। तब तक तो पापा मुझे ढूंढ़ ही लेंगे। बुधवार की रात तकरीबन दो बजे मैं सो रहा था। तभी समीर ने उठाया और कहा कि तुम्हारे पापा ने आधा पैसा दे दिया है। अब तुम्हें छोड़ देंगे। सुबह 4 बजे सादे लिबास में कई लोग कमरे में आए। मैं डर गया। लेकिन तुरंत एक व्यक्ति ने मुझे अपनी ओर खींचते हुए कहा- पटना पुलिस।

मोकामा से संतोष की गिरफ्तारी से खुला राज .पुलिस को बरगलाने की पूरी तैयारी थी। फिरौती मांगने के लिए एक सिम मोकामा के पते पर लिया गया था। छात्र को फातिमा लॉज में रख अपहर्ता 8 मई की रात पटना पहुंच चुके थे। रौशन और कौशल संतोष को मोकामा उसके संबंधी के यहां छोड़ते हुए गुप्ता लॉज पहुंचे थे। 9 मई को बजे फोन कर ललन कुमार से 60 लाख की फिरौती मांगी। ललन ने सोनपुर थाने में अपहरण की शिकायत कर दी। जिस नंबर से फिरौती मांगी वह मोकामा का है, इसकी पुष्टि होते ही संतोष को गिरफ्तार कर लिया गया। फिर कौशल व रौशन को पकड़ा। रौशन ने पुलिस को बताया कि उसने बच्चे को सीतामढ़ी में रखा है।(सौजन्य:-भास्कर)