मोकामा
समाचार

चौहरमल मेला में शराबियों का आतंक ,मुखिया जी पकडाये दारू पीते

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बाबा चौहरमल के जो सच्चे भक्त है वो हर  साल बाबा चौहरमल की  सच्ची पूजा आराधना करने मोकामा  आते है.बाबा चौहरमल से अपनी मन्नत मांगते है वो अगर वो पूरी होती है तो बाबा को शुक्रिया करने के लिए हर साल हाजरी लगाते हैं.पर पिछले कुछ वर्षों से ये मेला राजनितिक लोगों और आइयाशो का अड्डा बनता जा रहा है.हर बार 2 से 3 राजनितिक गेंग अपनी अपनी रोटी सकने के चक्कर में बाबा चौहरमल की छवि धूमिल करने लगे है.अभी महज एक दिन पहले ही केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को काले झंडे दिखाए गये.बाद में पता चला की काले झंडे दिखाने वाले किसी और दल के ही नेता थे जो लोकसभा का चुनाव लड़ने का तिकड़म भिड़ा रहे हैं.

कल की घटना है की कुछ असामाजिक तत्व मेले में शराब पीकर नशे में हंगामा कर रहे थे.एएसपी मनोज कुमार तिवारी  को जब इसकी सुचना मिली तो वो खुद ही उन्हें प्दकने निकल गये .मोकामा टाल में चल रहे बाबा चौहरमल महोत्सव की मॉनिटरिंग एएसपी मनोज कुमार तिवारी कर रहे थे। शनिवार देर रात को पुलिस को सूचना मिली कि बाबा चौहरमल मेले में कुछ लोग शराब के नशे में हंगामा कर रहे हैं। इसके बाद एएसपी ने पुलिस टीम के साथ सभी शराबियों को दबोच लिया। गिरफ्तार लोगों में मुखिया सुरेन्द्र प्रसाद के अलावा उसका छोटा भाई धनंजय कुमार, हरनौत थाने के श्रीचन्दनपुर गांव का पवन कुमार पंकज एवं पटना जिले के दनियावां थाना स्थित सलालपुर गांव का मुनेश्वर पासवान शामिल है। शुरुआत में मुखिया अपना परिचय छुपा रहे थे। मनोज तिवारी ने बताया कि दबोचे गये सभी लोग शराब के नशे में चूर थे। रविवार को मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद सबों को जेल भेज दिया गया.घोसवरी थाना क्षेत्र में सरेआम शराब पीते मुखिया समेत चार लोगों को दबोचा गया। इनमें नालन्दा के नगरनौसा पंचायत के मुखिया सुरेंद्र प्रसाद उर्फ बाबू साहब भी शामिल हैं.

मेले का राजनीतिकरण होने के वजह से ही इस मेले में महिलाओं की उपस्तिथि सालों साल कम होती जा रही है .जबकि बाबा चौहरमल का मेला ही महिलाओं के उद्धार के लिए लगता था.जिन महिलाओं को बच्चा नहीं होता था,जिस लड़कियों की शादी नहीं होती थी वो सब इस मेले में आकर बाबा चौहरमल से मन्नत मांगती थी वो बाबा के आशीर्वाद से वो पूरा भी होता था .तो वो हर साल हाजिरी लगाने जरुर आती थी.

(सौजन्य :-रास्टीय सहारा)