no brahmbhoj mokama

मोकामा वीरों की नहीं महावीरों की धरती है.

January 24, 2018

ब्रह्मभोज  नहीं धरती को ब्रह्मलोक लोक बनाने के सपने को सच कर रहे है बाल्मीकि बाबु .वैसे तो दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सदियों से सनातन धर्म में ब्रह्मभोज की परंपरा रही है,गरीबो और लाचारो को दान की परम्परा रही .मोकामा के मरांची गांव में रिटायर्ड इंजीनियर बाल्मीकि सिंह (75 साल) की पहल से समाज […]

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