कफ़न से कम्बल का सफ़र

आजकल फिर बाहुबली विधायक अनंत सिंह चर्चा में बने हुए है.अभी सोनू मोनू गेंग के मोनू और निलेश ने पकडे जाने के बाद ये खुलासा किया की वो  मोकामा विधायक अनंत सिंह को जान से मारने  का प्लान बना रहे थे.इनलोगों ने विधायक अनंत सिंह को सोनपुर मेले में मारने का प्लान बनाया था,जिसमे वो कामयाब नहीं हो पाए थे.50 लाख की सुपारी ली गई है ,उत्तर प्रदेश के बाहुबली  विधायक मुख्तार अंसारी का नाम भी सामने आ रहा है .

वैसे तो अनंत सिंह का भी इतिहास अपराधिक रहा है .कितनो को उन्होंने कफ़न के अन्दर पहुचाया उन्हें भी नहीं पता .पर जबसे वो विधायक बने है कफ़न की नहीं कम्बल की राजनीती करने लगे है. अभी 4 दिन पहले भी मोकामा के श्री कृष्ण विद्यालय में उन्होंने हजारों गरीब गुरबा को कम्बल बाटते नज़र आये थे.

ये पहली बार नहीं है अनंत ने इससे पहले भी कई बार मौत को मात दी है.गोली बन्दुक से  उनका  नाता बहुत पुराना है.हाँ जब से उनका संबंध नितीश से टूटा  है कुछ अकेले पड़ गए है.नितीश कुमार भी वोट बैंक के कारण  खुलकर अनंत सिंह का सपोर्ट नहीं कर पाते है.कभी वो दिन भी था जब नितीश कुमार छोटे सरकार के आगे हाथ जोड़े खड़े दिखते थे.

मगर अनंत सिंह नितीश कुमार को ही अपना नेता मानते है.अभी जब नितीश कुमार लालू यादव से अलग होकर सरकार बन रहे थे तब भी अंनत सिंह ने उन्हें अपना समर्थन दिया था.

जब भी नितीश कुमार संकट में आये, अनंत सिंह संकटमोचन बन कर नितीश को बचाने में लग जाते थे.चाहे बात जीतन राम मांझी की हो जब वो मुख्यमंत्री पद  नहीं छोरना चाहते थे मगर  नितीश पुनह मुख्यमंत्री बनना चाहते थे.तब भी अनंत सिंह आगे आये और मांझी को बल पूर्वक कुर्सी से बाहर किया और नितीश को मुख्यमंत्री बनाया.

नितीश जी जब भाजपा से अलग होना चाहते थे जिसके लिए वो दिल्ली के राम लीला मैदान में अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते थे.वो अनंत ही थे की दिल्ली में लाखों की भीड़ उनके लिए जुटा दी और नितीश भाजपा से अलग होने की निति में सफल हो गए.

मगर कहते है न जरूरत के बाद लोगो की कद्र नहीं होती .जब लालू यादव ने अपने यादव वोट बैंक के लिए अनंत सिंह पर हमला करना  शुरू किया तो नितीश कुमार अनंत का बचाव क्या करते या चुप रहते उलटे वो अनंत सिंह पर तीखे और हमलावर हो गये .जिसका खामयाजा अनंत सिंह को 2 साल जेल में गुजरना पड़ा.

जब से जेल से बाहर आये है बराबर कह रहे है की उनकी जान को खतरा है .हालंकि वो ये नहीं बता पा रहे है की किससे उनको खतरा है . शायद अपने चढ़ते वक्त में उन्होंने कितने दुश्मन बना लिए  उन्हें खुद याद नहीं.