मोकामा में और कितनी माँ मरेगी

मोकामा। पूजा, यही नाम उस माँ का जो अपने नवजात की किलकिलारी की गूंज सुनने के पहले ही चिर निद्रा में सो गई। पूजा ने अपने पति अमित कुमार के साथ मिलकर खुशियां का घरौंदा बनाने के कई सपने देखे थे। दोनों का गुलिस्तां गुलजार हो रहा था, नई खुशियों ने दस्तक दी थी और नए मेहमान की किलकारी की गूंज से सब हर्षित प्रफुल्‍लित थे। पूजा तो अपने प्रसव की पीड़ा भी भूल चुकी थी लेकिन तभी मोकामा की मौत बांटती स्वास्थ्य व्यवस्था के दंश ने पूजा को डंस लिया और मोकामा में एक बार फिर एक माँ की असमय मौत हो गई, एक नवजात माँ के ममत्व से वंचित हो गया।

घोसवरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता की मौत के बाद नाराज लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की लापरवाही से पूजा की मौत हुई है। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की और कई कंप्यूटरों तथा अन्य उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एंबुलेंस सहित अन्य सामान भी उनके आक्रोश की भेंट चढ़ गए। इसके बाद नाराज लोगों ने मोकामा-सरमेरा राजमार्ग पर जाम भी लगा दिया। बाद में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची व स्थिति को नियंत्रित किया।

सम्यागढ़ निवासी अमित कुमार की पत्नी पूजा कुमारी को अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। 10 बजे पूजा ने एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया। कुछ देर बाद ही पूजा की स्थिति खराब होने लगी तो परिजनों ने उसे रेफर करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक रेफर नहीं किया गया और जब स्थिति ज्यादा खराब होने लगी तब एंबुलेंस देने के बजाय निजी वाहन से प्रसूता को ले जाने के लिए अस्पताल से बाहर भेज दिया गया। अस्पताल से कुछ दूर जाते ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शराब पी रहे थे और गुहार लगाने के बाद भी चिकित्सकों पर कोई असर नहीं हो रहा था। चिंतनीय स्थिति यह है कि यह कोई पहला वाकया नहीं है कि जब उचित स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मोकामा में किसी की मौत हो गई। किसी जमाने में नाजरथ अस्पताल के सहारे पूरे बिहार और पूर्वी भारत को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले मोकामा में आज प्रसव की उचित व्यवस्था भी नहीं रह गई है। बावजूद इसके न तो मोकामा के जनप्रतिनिधि चिंतित दिखते हैं और ना ही राज्य या केन्द्र सरकार।