मोकामा से बनारस पहुंचा पीएम के लिए क्रूज

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय दौरे पर शुक्रवार रात भारत पहुंच गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मैक्रों की अगवानी करने एयरपोर्ट पहुंच गए. पीएम मोदी ने मैक्रों का गले लगाकर स्वागत किया. मैक्रों की इस यात्रा के साथ ही दोनों देशों की दोस्ती का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है.इमैनुएल मैक्रों ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि हमारे बीच अच्छी केमिस्ट्री है, हमारे दो महान लोकतंत्रों के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं”.4 दिन की यात्रा के दौरान इमैनुएल 12 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी जाएंगे. यहां वह 6 घंटे का वक्त गुजारेंगे और तुलसी घाट पर भगवान राम के राज्याभिषेक को भी देखेंगे. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मीरजापुर में 75 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट का शुभारंभ कर वाराणसी आने के बाद सबसे पहले ट्रेड फसिलटी सेंटर देखने जाएंगे. यहां से जब वह पीएम मोदी के साथ अस्सी घाट जाने के लिए रवाना होंगे जहां पांच किलोमीटर लंबे रास्तें में 150 स्कूलों के 10 हजार स्टूडेंट्स सड़क पर स्वागत के लिए तैयार रहेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो को बनारस में गंगा दर्शन कराने के लिए पुनपुन नामक क्रूज बिहार के मोकामा से बनारस पहुंच चुका है. मोरारी बापू के हाउस बोट कैलाश को सुरक्षा कारणों से भारत और फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियों ने खारिज कर दिया था. फिर बुधवार की रात जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की बैठक के बाद जलमार्ग प्राधिकरण के अत्याधुनिक क्रूज को बिहार से मंगाने पर रजामंदी बनी. मुंबई से स्पेशल मोटरबोट मंगाने पर भी विचार हुआ था लेकिन समय की कमी को देखते हुए जलमार्ग प्राधिकरण का क्रूज मंगाने का निर्णय हुआइस वातानुकूलित क्रूज में 20 लोगों के रहने की व्यवस्था है. प्राधिकरण इसका इस्तेमाल विदेशी पर्यटकों को गंगा में भ्रमण कराने के लिए करता है. इसकी अधिकतम गति 35 किलोमीटर प्रतिघंटा है. गुरुवार की रात बनारस पहुंचने के बाद अस्सी घाट के सामने क्रूज की रंगाई-पोताई की जा रही है. क्रूज पर चढ़ने के लिए अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर प्लेटफार्म का निर्माण कराया जा रहा है. अस्सी घाट पर मोदी और मैक्रों क्रूज की केबिन में बैठकर गंगा दर्शन करेंगे.