मदर डे पर एक माँ तडपते तड़पते मर गई ,जिम्मेदार कौन

दुनिया जब अपने अपने माँ के साथ मदर डे मना रही थी .लोग अपने माँ के साथ या याद में खुशिया मना रहे थे,सेल्फी खिंच रहे थे ,केक कट कर मुंह मीठा कर रहे थे ,अपने माँ को कपड़े गहने दे रहे थे. तो मोकामा में एक माँ अपने बच्चे को दुनिया में लाने के लिए संघर्स कर रही थी ,घंटो जूझती रही ,लडती रही मगर हार गई .जानते है क्यों ,कौन है उनकी मौत का जिम्मेदार.सी ग्रेड टाउन का दर्जा है मोकामा का ,लोग जो होल्डिंग टेक्स देते है वो इसी ग्रेड के हिसाब दे रहे है .पर क्यों इतने बड़े शहर में,इतने आधुनिक भारत में एक माँ अपने बच्चे को जन्म देते देते मर जाती है .घंटो तड़पते रहती है और जान गवां बैठती है.घटना इतनी दर्दनाक है की शब्दों में लिखना संभव नहीं .ऑपरेशन के बाद एक 35 वर्षीया प्रसूता रिंकू देवी पति विजय साह (मोर निवासी) की मौत हो गयी. यह मामला मोकामा थाना के गोशाला रोड स्थित एक निजी क्लिनिक का है. बताया जा रहा है कि शनिवार की रात तकरीबन नौ बजे प्रसूता का ऑपरेशन हुआ था. दुर्भाग्यवश छह घंटे बाद प्रसूता ने दम तोड़ दिया. इससे आक्रोशित परिजनों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम कराया.>/p>

इससे पहले प्रसव पीड़ा होने पर महिला को मोर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां से डॉक्टर ने प्रसूता को रेफर कर दिया. परिजनों का आरोप है कि गांव की आशा ने झांसा देकर सदर अस्पताल के बदले निजी क्लिनिक में भर्ती करा दिया. इस संबंध में थाना अध्यक्ष कैसर आलम ने बताया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर व आशा समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी है. वहीं, आशा व क्लिनिक के दो कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस घटना की विभिन्न पहलुओं पर छानबीन में जुटी है.पुलिस की रिपोर्ट जो भी पर इतना तो साफ है की मोकामा में एक भी एसा अस्पताल नहीं है जिसमे आप ये कहते हुए जा सकते है की चलो वंहा जाने अपर स्वस्थ हो जांयेंगे,जान बच जाएगी.अभी कुछ दिन पहले चन्दन जी ने एक तस्वीर साझा की थी जिसमे लोग तडके सुबह से ही इलाज के लिए लाइन लगा के खड़े है जबकि डॉक्टर 10 बजे आते है .चिकित्सा की बदहाल स्थिति से जूझते मोकामा की यह तस्वीर आपको विचलित कर सकती है। हाँ यह अलग बात है कि इस तस्वीर को देखने के बाद भी न तो आपकी राज्य सरकार को और ना ही केंद्र सरकार को बदहाल चिकित्सा से मोकामा क्षेत्रवासियों को उबारने की कोई फिक्र है।आपके निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्या चर्चा करना, उन्हें तो बस अपने चुनाव जीतने भर से आपसे मतलब है। आपको याद है कि कभी आपके सांसद, विधायक या विधान पार्षद ने नाजरथ को पुनर्जीवित करने को लेकर गंभीरता दिखाई हो? इन सबसे कोई सवाल कीजिएगा तो सधा सा जबाब है कि नाजरथ एक निजी संस्थान है और उसके संचालन को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते।

रही बात रेफरल अस्पताल की तो सरकार के नियमों के मुताबिक प्रखंड में रेफरल से ज्यादा बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं बन सकता। यह इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि हो सकता है मोकामा के माननीय जनप्रतिनिधियों ने आपको रेफरल को लेकर यह बताया हो। लेकिन वे आपको यह नहीं बताएंगे कि अगर राज्य या केंद्र सरकार चाहे तो पीएमसीएच या एम्स के ट्रामा सेंटर जैसे संस्थान को मोकामा में शिफ्ट/स्थापित किया जा सकता है। या फिर हर जिले में खुलने वाले मेडिकल कॉलेज को आपके क्षेत्र में खोला जा सकता है। अगर ऐसा हो जाए तो आपके क्षेत्र की बदहाल चिकित्सा स्थिति सुधर सकती है। हालांकि यह सब जानते हुए भी आपका सरकार या निर्वाचित प्रतिनिधियों को इससे कोई लेना देना नहीं है।दरअसल वे चिंतित भी क्यों हों। वे तो जानते हैं यह ऐसे भक्त लोगों की भूमि बन चुकी है जिसे बदहाली में मरना पसन्द है लेकिन जनप्रतिनिधियों से सवाल करना वे लाजमी नहीं समझते। किसी को अभी से यह चिंता है कि अगला चुनाव जीतकर कैसे लोकसभा पहुंचना है, तो कोई हाथी घोड़ा पालकी वाली अपनी शानो शौकत दिखाकर भक्तों से जयजयकार कराने में लगे हैं। किसी को हर दिन अपनी पार्टी के प्रति वफादारी साबित करनी है। मानो ये सब ऐसे हों कि सरकार भले जनहित का एक काम न करे लेकिन बयान बहादुर लोगों का चेहरा अखबार और टीवी में आ जायेगा।आप ठगे जा रहे हैं और वे चुनाव दर चुनाव जीतकर आपको दवा दारू से महरूम किये हैं। जरूरी है कि आप इनकी भक्ति छोड़िये और सवाल कीजिये।

वैसे मोकामा की बदहाल चिकित्सा हालात नए निवेश का माध्यम बन सकता है। मोकामा क्षेत्र से जुड़े कई डॉक्टर हैं, अगर आप चाहें तो सामुहिक या एकल प्रयास से एक व्यवस्थित अस्पताल की स्थापना करके खुद के लिए बेहतर कमाई और नागरिकों को जरूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकते हैं। डॉ संजीव कुमार और डॉ कुमुद सिन्हा ने इस दिशा में एक प्रयास किया है लेकिन शायद उनका प्रयास नाकाफ़ी है। इसके लिए उन्हें और समय देना चाहिए। हाल ही में डॉ शरद नन्दन ने स्टेशन रोड मोकामा में नन्दन हॉस्पिटल की शुरुआत की है जो अभी शुरुआती चरण में ही है। डॉ शरद अपने अस्पताल को विस्तार देने में लगे हैं। उनसे मोकामा के नागरिकों की ओर से विशेष आग्रह है कि आप नन्दन हॉस्पिटल को जल्द पूरी क्षमता के साथ विकसित करें, उम्मीद है अगर आप निय5 रूप से ओपीडी जैसी सेवाओं को बेहतर तरीके से देने में सफल होंगे तो अस्पताल पर किया आपका निवेश कई गुना फायदा देने वाला साबित होगा। और भी डॉक्टर हैं वे भी अगर अपने अपने स्तर से कुछ ऐसा ही निवेश मोकामा में करें तो निःसंदेह मोकामा क्षेत्र के लोगों को बडी राहत मिलेगी।याद रखिये आप जब तक नेताओं के भक्त बने रहेंगे वे आपकी मौत देखकर भी नहीं पसिझेंगे। भक्त मत बनिये जिम्मेदार नागरिक बनिये जो अपने हक की आवाज बुलंद करे। जो नाजरथ जैसे ठग से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को जवाबदेही का अहसास कराए। जो डॉ संजीव या डॉ शरद के निजी निवेश का सहर्ष स्वागत करे और उन्हें बेहतर व्यवस्था उन्नत करने के लिए प्रेरित करे।

आइये जिम्मेदार नागरिक बनकर जवाबदेही तय करें।फोटो साभार : चन्दन कुमार(मोकामा के नाजरथ अस्पताल में हर दिन ओपीडी में जांच कराने के लिए लोग इसी तरह देर रात नम्बर लगाते हैं और 5 से 12 घन्टे तक नम्बर में रहने के बाद उन्हें ओपीडी में जांच की सुविधा मिलती है। )