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पिछले 4-5 सालों में मोकामा में सड़क दुर्धटना में मारे जाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा आ रही है. लगभग हर दुसरे दिन कोई न कोई मरता खपता रहता है. कब जागेगी प्रशासन ,क्यों कोई इंतजाम नहीं हो रहा ,सांसद ,विधायक पार्षद क्या सिर्फ चुनाव में ही बोलेंगे.

आखिर कब तक माएं बाँझ बनेगी,कब तक महिलाएं बेबा होगी.

आज भी मोकामा का एक होनहार लड़का प्रधुमन असमय काल के गाल में समा गया. क्या कुसूर था. यही न पढना चाहता था,अपने लिए,अपने परिवार के लिए,अपने देश के लिए कुछ करना चाहता था.अभी इंटर में था खूब मेहनत कर कुछ बनना चाहता था.बारह्पुर से मोकामा अपने सायकिल से इसी उम्मीद में ट्यूशन पढने  जा रहा था की वो कुछ कर पायेगा.मगर सत्ता और प्रसाशन के लालची लोगो ने सड़क को श्मशान बना के रख दिया है जिसमे आज वो भी लपेटे में आ गया.

आज सुबह 8 बजे बरहपुर  निवासी दिलीप सिंह का बेटा प्रधुमन जो इंटर का छात्र था ,जो बरहपुर  से मोकामा सायकिल से पढने जा रहा था. एक बालू लादे ट्रेक्टर से कुचल कर मर गया.

परिजनों का रो रो के बुरा हाल हो रखा है.गावं वालों से सड़क जाम कर दिया है.पुलिस उसे कुछ देर में हटा देगी मगर उनके घर का  कुलदीपक फिर नहीं आयेंगे.फिर उस घर में वो कभी नहीं मुस्कुराएगा.

काल के गाल मैं असमय एक फूल मुर्झा  गया. इश्वर उसकी आत्मा को शांति दें.

सत्ता और प्रशासन में बैठे लोग कुछ करें की येसी घटना दोबारा न हो.

 

Sandeep Mandal
कब तक बाँझ बनेगी माएं.