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दिनांक 16 -01-18 को गांधी शांति प्रतिष्ठान,नई दिल्ली में गंगा चिंतन शिविर का आयोजन किया गया .जिसमे गंगा की अविरलता और निर्मलता कैसे बनी रहे  उस पर परिचर्चा की गई.जिसमे राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिक अनुसंधान संस्थान (NEERI) के निर्देशक डा० राकेश कुमार ने कई जानकारी शेअर किया,नदी-जल प्रदूषण और जल प्रदूषण को तकनीक के द्वारा कैसे रोका जाय .प्रख्यात गाँधी वादी अन्ना हजारे और डा० एस एन सुब्बाराव ने भी अपने अपने विचार दिए. अन्ना ने कहा जल ही जीवन है इसको सहेजने के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो .और भी कई समाजसेवी और पर्यावरणविदऔर पर्यावरण विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी.

मोकामा से आनंद मुरारी जी भी इस कार्यकर्म का हिस्सा बने.अपने टाल और गंगा की गाद की समस्या राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिक अनुसंधान संस्थान (NEERI) के निर्देशक डा० राकेश कुमार  बताई .उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया.बातों बातों में उन्होंने बताया की वो भी बख्तियारपुर से ही है और टाल की समस्या से परिचित है.

कैसे बचेगी गंगा की अविरलता और निर्मलता