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आचार्य राजेंद्र प्रसाद सिंह:-मोकामा से २ किलोमीटर दूर पंचमहला गावं में एक किसान के घर 04 मई 1941 को एक बालक का जन्म हुआ.बचपन से ही पढने में महारत हासिल.जब भी देखो वो किताबों की दुनिया में खोया रहता .माँ बाप ने बड़े प्यार से नाम रखा राजेंद्र .ज्यों ज्यों राजेंद्र बड़ा होता गया पढाई में उसकी जिज्ञासा और बढती गई. विज्ञान में उसकी विशेष रूचि थी.नई नई खोजो ,नये आविष्कार की जानकारी वो कंही न कंही से पा ही लेते थे.

mokama online
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अध्यन का शौक ही आपको  अध्यापक बना गया .मोकामा  राम रतन सिंह महा विद्यालय में आप रसायन बिभाग में H.O.D रहे .आपकी पढ़ाने  में एकाग्रता के कारन बच्चे आपके वर्ग में घंटों अपने डेस्क से चिपके रहते थे.बच्चे की जरुरत के हिसाब से आप अलग से भी उन्हें मार्गदर्शन करते थे अध्यापन के साथ साथ समाज की बेहतरी के लिए भी आप सदेव तत्पर रहते थे जिसके कारन आप राजनीति में भी सक्रीय हुए और और वार्ड न: १६ जिसमे आपके जाति के सबसे कम वोटर थे आपने वंहा भी अपना विजयी पताका लहराया और लगातार वनः से वार्ड परिसद रहे .इस दौरान आपने बहुत सारे विकास के कार्य किये और जनता ने आपको नगर परिसद में कर्मश: voice chairman & chairman   चुना.आप मोकामा बाज़ार समिति के भी सदस्य रहे ,आप central patliputra  bank के chairman भी रहे.अभी जब समाज और शिक्षा जगत को आपकी सख्त जरुरत थी मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था दिनांक 19/11/2011 को महा विद्यालय के कार्य से गया जाने के क्रम में वाहन के दुर्घटना ग्रस्त हो जाने से आपके साथ ही महा विद्यालय के ३ और कर्मचारी सहित वाहन चालक की भी मौत हो गई.

आपके सराहनीय  कार्यों को मोकामा की जनता हमेशा याद रखेगी .मोकामा ऑनलाइन की तरफ से कोटिश: नमन

आचार्य राजेंद्र प्रसाद सिंह!

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