मोकामा
संपादकीय

परशुराम जयंती : कलश यात्रा में बाबा परशुराम के जय जयकार से गूंजा मोकामा

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मोकामा। शास्त्र के सर्वांगी, सिद्धांत के समपालक, शौर्य के सूचक और शस्त्र के संवाहक दशवतारों में छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती पर सामाजिक समरसता के पावन धाम बाबा परशुराम स्थान मोकामा में पंचदिवसीय महोत्सव का भव्य आयोजन मंगलवार को हर्षोल्लास पूर्वक शुरू हुआ।
तपस्वी स्थान गंगा घाट में गंगा पूजन के बाद विशाल कलश यात्रा शुरू हुई जिसमें देवी शक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति हजारों लड़कियों एवं महिलाओं ने भाग लिया। भगवान परशुराम, शिव जी, देवी दुर्गा आदि आकर्षक झांकियों से सुज्जित और पारंपरिक वाद्य यंत्रों तथा हाथी, घोड़े, ऊंट आदि की अनोखी जुगलबंदी वाली कलश यात्रा मोकामा के सभी प्रमुख मार्गों से गुजरी जिससे पूरा मोकामा बाबा परशुराम के जय जयकार से गूंज उठा।

कलश यात्रा का अलग अलग जगहों पर पुष्प बरसा कर स्वागत किया गया। तपती धूप में नंगे पांव पैदल चलते हजारों कलश यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग में सड़क पर पानी का छिड़काव किया गया। इसमें न सिर्फ आयोजक मंडल और स्थानीय नगरपालिका ने सराहनीय भूमिका निभाई बल्कि हर मोहल्ले और सड़क के लोगों ने भी अद्भुत सेवा भाव का परिचय देते हुए सड़कों की सफाई से लेकर पानी का छिड़काव कर शीतलता प्रदान किया। यहां तक कि किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कलश यात्रा के साथ एम्बुलेंस भी रखा गया था। उल्लास, उमंग और उत्साह से सराबारे कलश यात्रा के बाबा परशुराम स्थान पहुंचने पर पांरपरिक तरीके से कलश को मंदिर परिसर में रखा गया।

परशुराम जयंती को लेकर पूरे मंदिर परिसर सहित मोकामा के हर प्रमुख मार्ग को रोशनी की झिलमिल झालरों एवं भगवा पताकों से सजाया गया है। पंच दिवसीय बाबा परशुराम जयंती महोत्सव एक मोकामा को अलौकिक स्वरूप में प्रतिपादित कर रहा है। २१ अप्रैल तक चलने वाले महोत्सव में हर दिन विविध प्रकार पूजन, हवन एवं अन्य विधि विधान हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त संत वृंद का कथा वाचन एवं भजन गतिमान है। आयोजन की सफलता में पूरे मोकामावासी उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दे रहे हैं।

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