मोकामा टाल से किऊल के बीच बिछेगी डबल लाइन

मुगलसराय-हावड़ा रूट में तीसरी लाइन की मांग के बीच इस रूट पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक रेलवे ट्रैक बनाने की तैयारी है। पटना से मोकामा के बीच भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर वैकल्पिक रेलवे ट्रैक बनेगा। इसी…

1974 में मोकामा में वेंकटेश बाबू से मिलने के चक्‍कर में अटल जी का छूट गया था हवाई जहाज

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता वेंकटेश नारायण सिंह (बीनो बाबू) का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ मित्रवत संबंध था। उनकी निकटस्थता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक बार अटल जी का अपने मित्र वेंकटेश बाबू से मिलने के चक्कर…

मोकामा में अटल जी ने कहा था, दूसरा पैर भी खराब कराओगे क्या !

मंच की सीढ़ियों से चढ़ने में उन्हें कुछ तकलीफ हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने मोलदियार टोला निवासी भाजपा कार्यकर्ता संजीव कुमार के कंधे पर हाथ रख कर कहा था- एक घुटना तो मेरा पहले से ही खराब है, अब क्या मेरा दूसरा घुटना भी खराब कराओगे

परशुराम मंदिर गए थे अटल जी , कहा था – भरत की भी हो पूजा

जनता दल यूनाइटेड प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए नीरज ने बचपन से जुड़ी यादों को ताजा किया

औंटा में 3 पीढ़ियों ने मिलकर पर्यावरण को सवारने का संकल्प लिया

सूबे के मुख्यमंत्री माननीय श्री नितीश कुमार के आवाहन पर बिहार के हर जिले में बड़े ही संकल्प के साथ ‘बिहार पृथ्वी दिवस’ मनाया जा रहा है . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए ‘करो या मरो’ की तर्ज पर ‘बिहार पृथ्वी…

रामकृष्ण सिन्हा जैसे व्यक्तित्व की जीवनी से युवा पीढ़ी को अवगत कराकर उन्हें प्रेरित करना चाहिए:-…

पटना, 11 अगस्त 2018:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में कवि एवं स्वतंत्रता सेनानी स्व0 रामकृष्ण सिन्हा के काव्य संग्रह ‘टंकार’ का लोकार्पण किया। बिहार विधान परिषद के उप सभागार में…

साक्षी की सफलता से गौरवान्वित हुआ मोकामा

मोकामा। पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं, इस कहावत को मोकामा के महेन्द्रपुर गांव की यशस्विनी बेटी साक्षी कुमारी ने चरितार्थ किया है। साक्षी ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा को साबित करते हुए नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शत प्रतिशत अंक…

सात साथियों के शहादत के बाद भी रामकृष्ण सिंह ने सचिवालय पर झंडा फहराया था

आज सचिवालय पटना में साथ शहीद का स्मारक पटना के गौरव को बढ़ता है.बिहार के स्वतंत्रा सेनानिओं की क़ुरबानी की गाथा सुनाता है . 11 अगस्त, 1942 को जब कुछ युवक सचिवालय पर तिरंगा फहराने लेकिये आगे बढे तो किसी को ये अनुमान तक नही था की अंग्रेज इस…