मोकामा
संपादकीय

महिलाएं आखिर जाएँ कंहा

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टॉयलेट,मूवि तो सभी ने देखी होगी….यहां मूवी की चर्चा नहीं कर रहे हैं।आते हैं असलियत पर….मोकामा विधानसभा क्षेत्र,(लोक सभा क्षेत्र इसलिए नहीं जोड़े की क्षेत्र का विस्तार ज्यादा हो जाएगा, पहले यहां लोग समझने की कोशिश करें)माननीय विधायक महोदय:- अनंत कुमार सिंह,माननीय विधान परिषद महोदय:- नीरज कुमार सिंह,माननीय सांसद महोदया:- वीणा देवी,(सांसद महोदया चुकी अपने ग्रामीण हैं इसलिए उन्हें भी जानना जरूरी है। साथ ही एक महिला हैं।)विपक्ष में विधानसभा के पद के प्रबल दावेदार,:- नलिनी रंजन शर्मा,(सभी को)

एक आम जनता और एक महिला होने के नाते जो बात आपके समक्ष रखना चाहती हूं,कृपया इसकी गहनता को समझने की कोशिश करें।मोकामा क्षेत्र में गुजरने वाली जितनी भी मुख्य सड़के हैं:- NH-31 हो या ग्रामीण मुख्य सड़क।खाश कर भीड़ – भाड़ वाली सड़कें। जहां रोज बहुतायत लोग का आना जाना होता है।वहां एक भी पब्लिक टॉयलेट नजर नहीं आता।कम से कम कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक पब्लिक टॉयलेट तो होनी चाहिए।मानते हैं कि पुरुषों को समस्या नहीं होती है,कहीं भी शुरू हो जाते हैं साइड देख के ( जो कि गलत है,यही आप मोकामा से बाहर जाते हैं शहरों में तो ऐसा काम नहीं करते।दूसरी सबसे अहम बात:- आप अपने घर की बहू, बेटी, बहन, मां से नहीं पूछ सकते परंतु अपनी पत्नी से पूछ के देखिएगा। अगर कोई पुरुष पब्लिकली ऐसा करता है तो महिलाएं कितनी असहजता महसूस करती है? पता कीजिएगा…जरूर..एक जागरूक नागरिक की तरह)वहीं महिलाएं अपनी इस समस्या को किसी से बोल नहीं पाती है। कई महिलाएं उम्र के साथ या बच्चियों को भी मेडिकली समस्या हो जाती है। उन्हें इस समस्या को रोकना होता है। उनके लिए खुला स्थान कहीं से जायज नहीं दिखता।जिससे के महिलाओं में अनेक इंटरनल इंफेक्शन और बीमारियों का होना ये भी एक मुख्य कारण है। इसे हर महिला चाहे वो आपके घर की हो या आस – पड़ोस की या कोई भी अपने लाइफ में ये समस्या आय दिन सफर करना पड़ता है।जागरूक नागरिक का यही कर्तव्य है, ऐसी समस्या को सामने लाएं। उसपर विचार करें।हमलोग सिर्फ संवैधानिक अधिकारों की बात जोर – शोर से चिल्ला चिल्ला के बोलते हैं।परंतु अपना नागरिक कर्तव्य भूल जाते हैं।हो सकता है। मै एक महिला हूं और मेरा ये लिखना आप में से बहुतों को सही न लगा हो।फिर भी मै नहीं सोचती कि आप में से कोई क्या सोच रहे होंगें। मुझे जो समस्याएं सूझी, मै उसे सार्वजनिक रूप से रख रही हूं। बाकी आप लोग मोकामा विधानसभा क्षेत्र को इस समस्या से कितना मुक्त करना चाह रहें। कितना जागरूक है वो वहां के रह रहे लोगो के सोच पे निर्भर है।
मुझे जो सही लगा, बात रख रही।अधिकार ही नहीं कर्तव्य भी निभाना सीखिए जागरूक नागरिक बनिए पब्लिक टॉयलेट बनवाइए
धन्यवाद,अभिलाषा