मोकामा
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कलंकित हुआ मुजफ्फरपुर बालिका गृह,यौन उत्पीड़न के बाद मोकामा में पनाह

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बालिका गृह में यौन उत्पीड़न का खुलासा.मुजफ्फरपुर,साहू रोड स्थित बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ है। कल्याण विभाग ने मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की शाखा ‘कोशिश को सूबे के सभी बालिका गृहों की सोशल ऑडिट का जिम्मा दिया था। फरवरी में टीम ने मुजफ्फरपुर के बालिका गृह का गोपनीय निरीक्षण किया था। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में संस्था ने कहा कि यहां यौन शोषण और उत्पीड़न होता है। रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने आनन-फानन में सभी लड़कियों को यहां से दूसरे बालिका गृह में शिफ्ट करते हुए इसे बंद कर दिया। साथ ही संचालक पर नगर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें पॉस्को सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। शुक्रवार की रात एसएसपी हरप्रीत कौर, आईओ समेत कई वरीय अधिकारी ने जांच की।

रिपोर्ट के अनुसार, सेवा संकल्प एवं विकास समिति संस्था मुजफ्फरपुर के साहू रोड में बालिका गृह संचालित करती है। निरीक्षण के दौरान टीम ने न केवल लड़कियों से बात की, बल्कि स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां की स्थिति भयावह थी। यहां रहने वाली बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, हिंसा व यौन प्रताड़ना किया जाता है। पीड़ित लड़कियों ने अपनी पीड़ा टीम के सदस्यों के सामने रखी। सूत्रों के अनुसार, सौंपी गई रिपोर्ट में और कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने भी यहां की गतिविधियों को संदिग्ध कहा।बुधवार की देर शाम यहां से सभी लड़कियों को पटना, मोकामा और मधुबनी के बालिका गृहों में शिफ्ट कर दिया गया। यहां रह रही 46 लड़कियों में से पटना और मोकामा में 16-16 और मधुबनी में 14 लड़कियों को शिफ्ट किया गया है।होगी कार्रवाई,फरवरी में कोशिश की टीम आई थी। बालिका गृह का निरीक्षण हुआ था। टीम की रिपेार्ट के अनुसार, यहां यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। विभागीय सहायक निदेशक ने एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।-मोहम्मद सोहैल, डीएम.जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा के आवेदन पर महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला थाना की थानाध्यक्ष को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। मामला गंभीर है। पुलिस सख्ती व कानून संगत कार्रवाई करेगी।- हरप्रीत कौर, एसएसपी

यहां पर लड़कियों की संख्या की तुलना में जगह कम थी। इसिलए यहां से लड़कियों को दूसरे बालिक गृह में शिफ्ट किया गया है।-इंदू कुमारी, अधीक्षिका