मोकामा
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मोकामा बनेगा जैविक कॉरिडोर का हिस्सा

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राज्यमें जैविक कॉरिडोर कार्यक्रम इस माह से ही शुरू हो जाएगा. कृषि विभाग ने जैविक खेती के लिए पटना से भागलपुर तक गंगा के किनारे के इलाके में  एक दर्जन को गावों चिन्हित किया गया है जिसमे मोकामा का नाम भी उल्लेखित है. द्वितीय पंचवर्षीय कृषि रोड मैप पूर्व  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लांच किया था.जैविक खेती के किसानों का बिहार राज्य बीज प्रमाणन एजेंसी के माध्यम से निबंधन होगा. तीन वर्ष तक बिना रसायनिक खाद के प्रयोग और जैविक तकनीक से उत्पादित फसलों, सब्जी को जैविक का सर्टिफिकेशन मिलेगा.पायलट प्रोजेक्ट के तहत 9 हजार वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापित होगा. डेढ़ लाख पक्का वर्मी कंपोस्ट इकाई, 20 व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट उत्पादन इकाई, 3600 गोबर या बायोगैस संयंत्र इकाई की स्थापना होगी. साढ़े तीन लाख क्विंटल वर्मी कंपोस्ट वितरण होगा.

जैविक खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद की आपूर्ति हो इसके लिए इसके लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए सरकार किसानों के साथ-साथ निजी उद्यमियों को भी अनुदान देने की व्यवस्था की है. हालांकि किसानों को जहां पक्का वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए जहां 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा निजी उद्यमियों को 40 फीसदी. योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं. कम कीमत पर एवं आसानी से पर्याप्त मात्रा में वर्मी कंपोस्ट किसानों को उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी. जैविक खेती के प्रमाणीकरण से जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण हो सकेगा तथा किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा.