डॉ. मंजय कश्यप…होनहार विरवान के होत चिकने पात!

डॉ. मंजय कश्यप…होनहार विरवान के होत चिकने पात , यह कथन अक्षरश सही होती है डॉ. मंजय कश्यप जी पर,अपने वल्य्काल से ही अपने मित्रों के बीच एक गायक के रूप में मशहूर रहे थे,भोजपुरी मैथिलि मगही आदि गीतों को लिखना और गाना उनके जीवन का अभिन्न अंग रहा है . आवाज भी माँ सस्वती ने दी है जिसका कोई जोर  नहीं .मोकामा की उस माट्टी ने अपने इस लाल को वो सबकुछ दिया जो एक कलाकार चाहता है .आवाज .गाने का हुनर.राग और ताल को पह्चाहने का नजरिया. दौलत सोहरत सबकुछ.

आपने गीतों की दुनिया के सबसे बड़े बड़े कम्पनियों के लिए गीत गाये,. लोग कभी आपके गीतों पर क्षर्धा से माँ दुर्गा की भक्ति में झूमते तो कभी महादेव के गीतों में उमंग से नाचने लगते.

mokama online
mokama online

आपने टी सीरीज,वीनस,जी म्यूजिक,युकी म्यूजिक आदि बड़ी  कम्पनियों के साथ मिलकर अनेक एल्बम पर काम किया ,

आपके द्वारा जी म्यूजिक पर गया गया एल्बम “दुअरिया है अम्बे” अपने ज़माने में बहुत ही लोकप्रिय हुआ था जिसकी तारीफ उस ज़माने के बिहार के मुख्यमंत्री श्री लालू यादव जी ने भी की थी,गीत के बोल भोजपुरी में होने के वावजूद यह बिहार(झारखण्ड),उत्तर प्रदेश और बंगाल में बहुत ही पसंद किया. बंगाल में दुर्गा पूजा के हर पंडाल में दुअरिया है अम्बे के गीत सुनाई पड़ते थे.

सावन के महीने में पूरा देवघर आपके गीत “बोला बोल बम” ,”बम बम भोला”,”भोला खोला केवरिया”  आदि एल्बम के गीतों से गूंजता रहता था..

mokama online
mokama online

पटना कोलेज में युवा गमन में आप बहुत ही लोकप्रिय रहे आपके गीतों की कवरेज उस ज़माने हर अखबार में होती थी.”आज” अखबार में जब आपके बारे में छपा की यह युवक संगीत साधना में लीन है तो आपकी चर्चा मोकामा में भी होने लगी. संध्या प्रहरी में आपके ऊपर छपा लेख “कला मैं मुखर मंजय”  ने आपको और भी जयादा लोकप्रिय गायक बना दिया.

mokama online
mokama online
mokama online
mokama online

येसा नहीं की आपने सिर्फ भक्ति गीत ही गए .आपके द्वारा गया गया गीत “बडकी भौजी गे “ होली और शादी व्याह के मौके पर खूब बजा था .

आपके इन्ही सब खूबियों के कारन आपके विद्याथी जीवन में ही पटना कोलेज ने आपके छात्र श्री,छात्र भूषण,और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया .

मोकामा की मिटटी को जो गौरव आपने दिलाया….उसके लिए मोकामा ऑनलाइन आपका तहे दिल से शुक्रिया करता है…

प्रिय मित्रों आपके पास भी यदि कोई येसी  जानकारी हो तो कृपया हमें सूचित करें

धरित्री :- जिसपर इतराती है धरती

Website :- www.mokamaonline.com

Email:- mokamaonline@gmail.com, admin@mokamaonline.com

Contact:-(91)-(0)9990-436-770, :-(91)-(0)9743-484-858

One thought on “डॉ. मंजय कश्यप…होनहार विरवान के होत चिकने पात!”

Leave a Reply