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मोकामा (एसएनबी)। स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए सशस्त्र संघर्ष से भी गुरेज नहीं करने वाले क्रांति केन्द्रों की सूची में मोकामा टाल इलाके के एक गांव का योगदान वाकई अविस्मरणीय है।घोसवरी प्रखंड के मालपुर गांव के लोगों ने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नाद करते हुए समानांतर सरकार का गठन कर लिया था। अंगेजों के खिलाफ गठित समानांतर सरकार में एक राजा था, प्रधानमंत्री था, मंत्रिपरिषद् थी और अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित एक सेना थी। उस समांनातर सरकार में प्रधानमंत्री की भूमिका में रहे अकल गोप और सैनिक मौजी गोप आज भी जीवित हैं। सैनिक मौजी गोप की काया जर्जर हो चुकी है परन्तु प्रधानमंत्री अकल गोप की कद-काठी आज भी हड्डियों का साथ मजबूती से दे रही है। अतीत को याद करते हुए अकल गोप कहतें है कि 1942 में आंदोलन भी चरम पर था और अंग्रेजों का दमन भी परवान पर था। चौकीदारी टैक्स के नाम पर अंगेजी हुकूमत एक का बीस वसूल करती थी। अकल गोप कहते हैं कि 9 अगस्त 1942 को मालपुर के लोगों ने बैठक की तथा अंगेजी शासन को मानने से इंकार करते हुए अपनी समानांतर सरकार का गठन किया था। उस समानांतर सरकार में सरयुग गोप राजा हुए, अकल गोप प्रधानमंत्री बने, झउरी गोप, हरिहर गोप, गणोश गोप को मंत्री बनाया गया था। इसके अलावा चार दर्जन सैनिक परंपरागत हथियारों से लैस होकर सेना का हिस्सा बने थे। सैनिकों में मौजी गोप, छोटन पासवान, रामस्वरूप गोप आदि शामिल थे। अकल गोप बताते हैं कि फिरंगियों द्वारा इनके खिलाफ राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया गया था परन्तु स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मामला वापस ले लिया गया था।गुमनामी के साए में रह रहे अकल गोप और मौजी गोप का चेहरा चमक उठता है उन दिनों की याद करके। जीवन के नब्बे बसंत देख चुके घोसवरी के मालपुर निवासी अकल गोप ने भारत की आजादी के साठ से अधिक बसंत देख लिए परन्तु इनका अनुभव किसी पतझड़ से रू-ब-रू होने के समान है। स्वतंत्र भारत के बारे में पूछा गया तो चिंता की लकीरें माथे की सलवटों पर भारी पड़ गई और आंखे नम हो गई। स्वतंत्रता सेनानी अकल गोप कहते हैं-आजादी मिललो लेकिन जइसन सोंचलियो हल आ जइसन गांधी बाबा-राजेन्द्र बाबू सोंचलथिन हल, ऊ नय होलो। अकल गोप कहते हैं कि आज भी किसानों को अनाज का दाम नहीं मिलता है। नया लड़का रोजगार नहीं मिलने के कारण अपराधी बनता है। देश आजाद हुए साठ साल से ज्यादा हो गया पर आज भी जनता गरीब है और सुनने वाला कोई नहीं है। अकल गोप कहते हैं कि भारत में सब खेत को पानी, मजदूर को काम और गरीब को अच्छी पढ़ाई सरकार दे दे तो सब समस्याएं दूर हो जाएंगी। अकल गोप मौजी गोप

(राष्टीय सहारा १३-८-१)

मालपुर ने भरी हुंकार, बनाई समानांतर सरकार!

2 thoughts on “मालपुर ने भरी हुंकार, बनाई समानांतर सरकार!

  • August 28, 2012 at 1:56 pm
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    माँ भारती की आजादी के इन यद्धाओ पर पुरे मोकामा को नाज है.. इन महा पुरुषो के बलिदान और जीवन से प्रेरणा ले हम सदा इस पावन भूमि रक्षा के लिए कृतसंकल्पित रहे..
    जय मोकामा

  • October 24, 2013 at 2:22 am
    Permalink

    We salute you and ur efforts and yes its true how u all would have dreamed of i don't think it is the same independence.

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