मोकामा
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5 दिन से जाम लगा है मोकामा में ,संभल कर कीजिये यात्रा

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राजेंद्र पुल के आसपास महा जाम का जंजाल पांच दिनों से लोगों को परेशान कर रहा है। बेगूसराय के जीरोमाइल से लेकर मोकामा के मोर कन्हाईपुर गांव तक रोजाना जाम में लोग फंस रहे हैं। आलम यह है ट्रकों को 10 किलोमीटर का सफर तय करने में 10 से 12 घंटे का समय लग रहा है। पांच दिनों से लगातार मोकामा और बेगूसराय में जाम लग रहा है लेकिन पटना और बेगूसराय जिला प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक है। बेगूसराय और पटना जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण जाम में रोजाना हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण एसपी आनंद कुमार और एसडीपीओ कमलाकांत प्रसाद ने हाथीदह का दौरा किया औऱ जाम से निजात को लेकर बैठक की।

बेगूसराय जाने में लग रहे 6 घंटे .राजेंद्र पुल और इसके आसपास के इलाके इन दिनों पूरी तरह जाम की चपेट में हैं। आलम यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 31 और राष्ट्रीय राजमार्ग 80 पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग रही है। छोटी गाड़ियों को भी मोकामा से बेगूसराय पहुंचने में चार से छह घंटे लग रहे हैं। कई बसें भी जाम में फंसी रहती हैं। उत्तर बिहार से राजगीर जा रही श्रद्धालुओं की एक बस को समस्तीपुर के मुसरीघरारी से बाटा मोड़ तक आने में बारह घंटे का समय लग गया। प्रशासन की सुस्ती से बढ़ी परेशानी .जाम को लेकर पटना और बेगूसराय जिला प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। राजेंद्र पुल के पटना जिला अंतर्गत हाथीदह और मोकामा हिस्से में भी पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती नहीं हुई है। बेगूसराय जिला को तो जाम से कोई मतलब ही नहीं है। जीरोमाइल से लेकर राजेंद्र पुल तक एक भी पुलिसकर्मी जाम हटवाने के लिए सड़क पर खड़ा भी नहीं मिलता है। बीहट में चांदनी चौक के पास भले कुछ पुलिसकर्मी खड़े रहते हैं। राजेंद्र पुल के पटना वाले हिस्से से लेकर बाटा मोड़ और रामा पेट्रोल पंप तथा बाटा मोड़ से हाथीदह स्टेशन तक पुलिसकर्मियों की तैनाती बेहद जरूरी है। यही स्थिति बेगूसराय जिला की तरफ भी है। राजेंद्र पुल के बेगूसराय वाले हिस्से से लेकर थर्मल गेट तक पुलिस कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जाम लगने वाली जगहों को चिह्नित किया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। आम लोग ओवरटेकिंग से बचें। आनंद कुमार, ग्रामीण एसपी .

क्यों है स्थिति .महात्मा गांधी सेतु पर ट्रकों का परिचालन रोके जाने के बाद मोकामा के राजेंद्र पुल पर दबाव काफी बढ़ गया है। गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा हो गई है और हर घंटे औसतन पांच सौ से हजार ट्रक मोकामा राजेंद्र पुल पर आ रहे हैं। विफल प्रशासन का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।